
स्टाफ नर्स हत्याकांड का मुख्य आरोपी 4 माह बाद गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद
सागर, 17 जून 2026। सागर पुलिस को बहुचर्चित शाहगढ़ स्टाफ नर्स हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली है। थाना शाहगढ़ पुलिस ने चार माह से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी सुशील चढ़ार और उसके सहयोगी सौरभ चढ़ार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने पदस्थ स्टाफ नर्स दीपशिखा चढ़ार (निवासी पाटन, जिला जबलपुर) की अज्ञात हमलावर द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद थाना शाहगढ़ में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि मृतका का सुशील चढ़ार निवासी ग्राम मुड़िया, थाना पनागर, जिला जबलपुर से पूर्व में प्रेम संबंध था। विवाह से इंकार किए जाने के बाद आरोपी एकतरफा प्रेम में आक्रोशित हो गया और उसने योजनाबद्ध तरीके से शाहगढ़ पहुंचकर दीपशिखा की गोली मारकर हत्या कर दी।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। उप पुलिस महानिरीक्षक सागर रेंज द्वारा आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। शाहगढ़ पुलिस की विशेष टीमें लगातार जबलपुर और ग्राम मुड़िया क्षेत्र में सक्रिय थीं। 16 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सुशील चढ़ार को ग्राम मुड़िया से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि हथियार आरोपी के चचेरे भाई सौरभ चढ़ार ने उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने सौरभ को भी गिरफ्तार कर प्रकरण में आरोपी बनाया। मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 और 27 भी जोड़ी गई हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शाहगढ़ उपनिरीक्षक संदीप खरे, चौकी प्रभारी हीरापुर उपनिरीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर, चौकी प्रभारी बराज उपनिरीक्षक सतेंद्र गुर्जर सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए अभियान लगातार संचालित किया जाएगा।











