
मध्यप्रदेश भोपाल विशेष संवाददाता राजकुमार दुबे नरसिंहपुर
मुर्दाघर के लिए मुर्दा पड़ा सिस्टम, यहां इलाज कराने आएं या मौत का तमाशा देखें
1970 का पीएम भवन ढहा, अब अस्पताल में हो रहा पोस्टमार्टम, मरीज जीते-जी सह रहे मौत का मंजर
10 लाख स्वीकृत, फिर भी फाइलें दौड़ रहीं, नहीं लग रहा नवीन भवन का निर्माण कार्य
गोटेगांव- न्याय की आखिरी सीढ़ी कहे जाने वाला पोस्टमार्टम आज खुद मौत के मुहाने पर खड़ा है संदिग्ध मौत और दुर्घटनाओं की गुत्थी सुलझाने वाला ये वैज्ञानिक साक्ष्य आज गोटेगांव में लाचार हो चुका है जब किसी व्यक्ति की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में या दुर्घटना में होती है, तो सच्चाई तक पहुंचने के लिए पोस्टमार्टम ही एकमात्र सहारा बनता है। यही प्रक्रिया पुलिस को जांच में मदद देती है और पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने का आधार बनती है। इसी महत्व को समझते हुए शासन हर तहसील-जिला में पीएम भवन बनवाता है।
इसी कड़ी में 1970 में गोटेगांव में शांति धाम के पास पीएम भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए, आज खुद उसी भवन का “पोस्टमार्टम” हो चुका है। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और संबंधित विभाग के इंजीनियर ने निरीक्षण के बाद इसे डिस्मेंटल घोषित कर दिया है।
भवन ध्वस्त होने के बाद अब मजबूरी में नगर के बीचों-बीच स्थित पुराने शासकीय अस्पताल परिसर में बनी मर्चुरी में पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
इससे दो बड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं:
स्टाफ की मुसीबत – पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में काम करना पड़ रहा है।
मरीजों की परेशानी – अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय मरीजों का साफ कहना है कि “अस्पताल परिसर के बीच पोस्टमार्टम होना न्यायोचित नहीं है”। इससे अस्पताल का माहौल प्रभावित होता है और आने-जाने वाले हर मरीज को मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
जानकारी के अनुसार शासन द्वारा पीएम भवन नवनिर्माण के लिए 10 लाख रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। बावजूद इसके आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सवाल उठता है कि राशि स्वीकृत होने के बाद भी फाइलें किस-किस दफ्तर के चक्कर लगा रही हैं?
नगरीय प्रशासन और संबंधित विभाग कब इस भवन का निर्माण कराकर क्षेत्रवासियों को इस बुनियादी सुविधा से वंचित रखने की इस बेड़ी को तोड़ेगा?
मांग
नगरवासियों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द गोटेगांव में नए पीएम भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि अस्पताल परिसर में हो रही इस अमानवीय स्थिति से आम जनता को राहत मिल सके।
वाइट मुक्तिधाम चौकीदार
वाइट विधायक महेंद्र नागेश
वाइट ब्लॉक मेडिकल अधिकारी बीएमओ डॉक्टर एस एस धुर्वे गोटेगांव
वाइट नगर पालिका अधिकारी सीएमओ सत्येंद्र सालवार लवार गोटेगांव











