सृजन संवाद योजना के तहत सांदीपनी स्कूल सागर में पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं से किया सीधा संवाद

सागर पुलिस
दिनांक : 05/08/2026

सृजन संवाद योजना के तहत सांदीपनी स्कूल सागर में पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं से किया सीधा संवाद

कानून, सुरक्षा, महिला अधिकारों एवं यातायात नियमों पर किया जागरूक, हेलमेट पहनने का दिया सशक्त संदेश

सागर, दिनांक 05 अगस्त 2026।

स्कूली छात्राओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, प्रशासनिक व्यवस्था एवं सुरक्षा कानूनों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित “सृजन संवाद योजना” के अंतर्गत आज सांदीपनी स्कूल, सागर में एक विशेष प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान 05 अगस्त 2026 से 15 सितम्बर 2026 तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन एवं समन्वय में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ स्कूल प्राचार्य विनय कुमार दुबे द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्होंने छात्राओं के साथ प्रेरणादायी आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटी आयोजित कर सकारात्मक एवं सहभागितापूर्ण वातावरण निर्मित किया। तत्पश्चात “प्रशासन, मैं, मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारियाँ” विषय पर आकर्षक पॉवर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

संवाद सत्र में पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से आत्मीय एवं प्रेरणादायी संवाद करते हुए कानून, न्याय व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मविश्वास, नागरिक कर्तव्यों तथा बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। छात्राओं द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उन्होंने सरल, सहज एवं व्यवहारिक उत्तर दिए तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग, आत्मनिर्भर एवं निर्भीक बनने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे स्वयं के साथ-साथ अपने माता-पिता, भाई-बहनों एवं अन्य परिजनों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह परिवार का सदस्य हो, परिचित हो अथवा स्कूल स्टाफ का सदस्य, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाता दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को अवश्य दें। पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का जीवन सुरक्षित रखना है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि सृजन संवाद योजना का उद्देश्य छात्राओं में कानून के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से ऐसे संवाद कार्यक्रम, प्रशिक्षण सत्र एवं पुलिस संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया जाएगा, जिससे छात्राओं का पुलिस के प्रति विश्वास और सहभागिता और अधिक मजबूत हो सके।

कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला अधिकार, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, कानूनी प्रावधानों एवं उपलब्ध सहायता तंत्र पर विस्तृत पॉवर पॉइंट प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात आयोजित ओपन डिस्कशन में छात्राओं ने खुलकर अपने प्रश्न रखे, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर  धीरज श्रीवास्तव द्वारा पूरे प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदुओं का प्रभावी सार प्रस्तुत करते हुए छात्राओं से प्राप्त सीख को अपने दैनिक जीवन में अपनाने एवं समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  नरेंद्र सोलंकी द्वारा स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उन्होंने छात्राओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है।

सृजन संवाद योजना के अंतर्गत छात्राओं को पुलिस व्यवस्था से व्यावहारिक रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से सायंकाल थाना गोपालगंज का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। भ्रमण के दौरान छात्राओं को थाना परिसर, महिला सहायता कक्ष, शिकायत पंजीयन प्रक्रिया, कंट्रोल रूम समन्वय, विवेचना कार्य, अभिलेख संधारण तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न पुलिस सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि पुलिस आमजन की सुरक्षा एवं सहायता के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहती है तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना किसी संकोच के पुलिस सहायता प्राप्त करनी चाहिए। छात्राओं ने थाना भ्रमण के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली को निकट से समझा तथा उत्सुकतापूर्वक विभिन्न प्रश्न पूछे।

इस अवसर पर , थाना प्रभारी गोपालगंज  घनश्याम शर्मा, महिला थाना प्रभारी  संतोषी कनासिया, स्कूल के प्राचार्य  विनय कुमार दुबे, उप प्राचार्य  वंदना खरे, विद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्राएँ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आत्मविश्वास विकसित करना, महिला सुरक्षा संबंधी अधिकारों की जानकारी प्रदान करना, यातायात नियमों के पालन के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें जिम्मेदार, जागरूक एवं सशक्त नागरिक के रूप में विकसित करना है। छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम में भाग लिया तथा प्रशिक्षण एवं थाना भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी बताया।

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