
असली बहादुरी नशा करने में नहीं, नशे को ‘ना’ कहने में है: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित हुईं विविध प्रतियोगिताएं
विद्यार्थियों ने निबंध व भाषण के माध्यम से दिया नशा मुक्ति का संदेश; विशेषज्ञों ने बताए नशे के दुष्प्रभाव
सागर/ पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान 2026’ के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में व्याख्यान, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
नशे से दूर रहकर प्रतिभा को समाज निर्माण में लगाएं: डॉ. सरोज गुप्ता
व्याख्यान को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि युवावस्था अपने सपनों को साकार करने का स्वर्णिम समय है। इस उम्र में युवाओं को अपने शरीर, समय और क्षमता को नशे की गर्त में धकेलने के बजाय शिक्षा, खेल, कला, रचनात्मकता और समाजसेवा में लगाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि असली बहादुरी नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहने में है।
विशेषज्ञों ने बताए नशे के गंभीर शारीरिक व मानसिक परिणाम
कार्यक्रम का संचालन कर रहीं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रज्ञा दुबे ने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के विचारों, रिश्तों और भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। डॉ. रविंद्र ठाकुर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हुए चेतावनी दी कि तंबाकू, सिगरेट और गुटखे में मौजूद कैंसरकारी रसायन कोशिकाओं के DNA को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे अनियंत्रित कोशिका वृद्धि के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी जन्म लेती है। डॉ. शिखा चौबे ने कहा कि नशे का क्षणिक आनंद जीवनभर का दर्द बन जाता है तथा डी.के. नामदेव ने अनमोल जीवन को लक्ष्य की ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
हेल्पलाइन नंबर 14446 से पाएं परामर्श
डॉ. रितु त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है और अपनों से साझा नहीं कर पा रहा है, तो वह सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 14446 पर संपर्क कर नशा मुक्ति हेतु उचित परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकता है।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
अभियान के तहत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में राज आर्यन, अभय अहिरवार व विकिता तिवारी ने तथा निबंध प्रतियोगिता में करण गंधर्व, यशवंत गौड़, शिवांगी प्रजापति, निशा पटेल व दीक्षा पटेल ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने विचार रखे। इस अवसर पर अनुष्का राजे, कनिष्क तिवारी, जीतू चौरसिया सहित समस्त शैक्षणिक स्टाफ व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











