कलश वंदन यात्रा के दूसरे दिवस 12 ग्रामों में गूंजा संत रविदास जी का समरसता संदेश, श्रद्धा के साथ शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संकल्प

समरसता की ज्योति से आलोकित हुआ नरयावली

सागर/24.08.2026; संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित समरसता संकल्प अभियान नरयावली विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक चेतना, आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उत्सव बनता जा रहा है। अभियान के अंतर्गत आयोजित समरसता कलश वंदन यात्रा के दूसरे दिवस ग्राम भैंसा से निकली यात्रा ने 12 ग्रामों में पहुंचकर जन-जन को संत रविदास जी के उस अमर संदेश से जोड़ा, जिसमें मानवता, समानता, सद्भाव और कर्म की पवित्रता का मार्ग प्रशस्त होता है।

ग्राम भैंसा स्थित रविदास मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धा से सिर पर कलश धारण किए मातृशक्ति, संत रविदास जी के जयघोष करते श्रद्धालु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन इस यात्रा के साक्षी बने। भैंसा से प्रारंभ हुई यात्रा गढ़ौली खुर्द, पथरिया हाट, जरारा, मारा-बड़ौरा तिगड्डा, नरयावली, बेलई तिगड्डा, बेरखेरी चंपत, ईशुरवारा, सेमरा लहरिया, तोड़ा गौतमिया होते हुए जरुवाखेड़ा के झंडापुरा स्थित झंडा बाबा मंदिर पहुंची, जहां यात्रा का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ।

यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा, आरती एवं आत्मीय स्वागत के साथ कलशों का वंदन किया। वातावरण संत रविदास जी के जयघोष और समरसता के संकल्प से गुंजायमान रहा। यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को अपनी संत परंपरा से परिचित कराने और शिक्षा एवं संस्कारों के माध्यम से सशक्त समाज निर्माण का संदेश देने वाली जनचेतना यात्रा के रूप में दिखाई दी।

नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सद्भाव और संस्कारित चेतना में निहित है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी से श्रम की गरिमा, मानव समानता, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को केवल स्मरण न करें, बल्कि उन्हें अपने आचरण और नई पीढ़ी के संस्कारों का हिस्सा बनाएं। शिक्षा वह माध्यम है, जो समाज को जागरूक बनाती है और संस्कार वह शक्ति है, जो जागरूक समाज को श्रेष्ठ दिशा प्रदान करती है। समरसता का यह अभियान इसी चेतना को घर-घर एपहुंचाने का संकल्प है।

विधायक लारिया ने कहा कि संतों की वाणी समाज को जोड़ने वाली शक्ति है और उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाश-स्तंभ हैं। समरसता कलश वंदन यात्रा के माध्यम से गांव-गांव में श्रद्धा के साथ सामाजिक एकता, संस्कृति और संस्कार का संदेश पहुंच रहा है। यह यात्रा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और ‘सबका सम्मान, सबका उत्थान और सबके साथ समरस समाज’ की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर क्षेत्र के संत जन एवं साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान की उनके आशीर्वचन एवं सानिध्य ने श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक चेतना और संत परंपरा के प्रति आस्था को और प्रगाढ़ किया।

इस अवसर पर जिला महामंत्री चैन सिंह, यात्रा संयोजक चेतराम अहिरवार, ऑफिसर यादव, मधुकर जाटव, नगरपालिका अध्यक्ष मिहिलाल, मंडल अध्यक्ष अरविंद घोषी, सोहन लोधी, डॉ. परशुराम, गंगाराम ठेकेदार, बाबूलाल रोहित, छोटे आदिवासी, अनिल चौधरी, प्रहलाद आठिया, गौतम माण्डले, लखन राय, मनोज राय, बलराम साहू, कृष्ण मुरारी यादव, राम सिंह यादव, अशोक सिंह, नारद यादव, रामगोपाल सोनी, मुरारी यादव, राघवेंद्र सिंह, चंद्रभान यादव, धर्मेंद्र कुशवाहा, नीलेश शर्मा, भगत सिंह, राज किशोर उदैनिया, नीलेश पटेरिया, गुलाब सिंह, शील कुमार मिश्रा, रत्नेश राजपूत, बलराम पाराशर, राजेश केशरवानी, रिंकू सरदार, हरिओम पांडे, दिलीप नायक, नंदलाल साहू सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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