बाहुबली कॉलोनी निवासी स्व. फूलचंद जैन के परिजनों ने किया नेत्रदान: बीएमसी में सुरक्षित रखे गए दोनों कॉर्निया

सागर, 12 सितंबर 2026
सागर शहर में नेत्रदान के प्रति बढ़ती सामाजिक जागरूकता का एक और अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। बाहुबली कॉलोनी (जैन मंदिर के पास) निवासी  फूलचंद जैन (78 वर्ष) के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके परिजनों ने अनुकरणीय पहल करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान कराया।
तत्परता से बीएमसी आई बैंक टीम ने पूरी की प्रक्रिया
दिनांक 10 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 9 बजे  फूलचंद जैन के निधन के पश्चात परिजनों ने नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की। इसके उपरांत समाजसेवी  पंकज सिंघई के माध्यम से दोपहर 12 बजे बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर के आई बैंक में संपर्क किया गया। वर्तमान आई बैंक इंचार्ज डॉ. अंजलि वीरानी पटेल के मार्गदर्शन में डॉ. रोशी जैन ने तत्काल आई बैंक की विशेषज्ञ टीम को दिवंगत के निज निवास पर भेजा।
चिकित्सकों की टीम ने सभी आवश्यक चिकित्सीय एहतियात बरतते हुए एवं परिजनों की लिखित सहमति प्राप्त कर दोनों आंखों के कॉर्निया को सुरक्षित रूप से निकाल कर बीएमसी आई बैंक में रखवाया।

बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ. अमर गंगवानी एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने इस पुनीत व महान कार्य के लिए दिवंगत श्री फूलचंद जैन की धर्मपत्नी  मंजुला जैन तथा परिजनों—आदित्य जैन, आशीष जैन एवं प्रेरणा जैन का हृदय से आभार व्यक्त किया।
मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने समाजसेवी पंकज सिंघई द्वारा जैन समाज में नेत्रदान के प्रति चलाई जा रही जागरूकता मुहिम की सराहना करते हुए उनका भी धन्यवाद ज्ञापन किया।
बीएमसी में आई बैंक व कॉर्निया प्रत्यारोपण की नि:शुल्क सुविधा
बीएमसी प्रबंधन ने जानकारी दी कि मरणोपरांत नेत्रदान पूरी तरह स्वैच्छिक और नि:शुल्क है। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के आई बैंक में नेत्रदान के साथ-साथ कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी की आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध है।

इस नेत्रदान प्रक्रिया को संपन्न कराने वाली आई बैंक टीम में सीनियर रेजिडेंट डॉ. नीलम, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. मानसी, नर्सिंग ऑफिसर चेतना सिस्टर, ओमप्रकाश कुमावत एवं पैरामेडिकल स्टाफ की प्रमुख भूमिका रही।
उल्लेखनीय है कि सागर शहर के जैन समाज में जागरूकता के चलते पिछले 10 दिनों के भीतर मरणोपरांत नेत्रदान का यह तीसरा मामला है, जो समाज के लिए भी एक प्रेरणादायी मिसाल है।

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