संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग अथ पंचांगम।                 ll जय श्री राधे ll दिनांक 18/04/2024 गुरुवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 18/04/2024, गुरुवार
दशमी, शुक्ल पक्ष,
चैत्र
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– दशमी 17:31:02 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——– आश्लेषा 07:55:41
योग————– गण्ड 24:41:45
करण————– गर 17:31:02
वार———————– गुरूवार
माह————————– चैत्र
चन्द्र राशि——- कर्क 07:55:41
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि——————— मेष
रितु————————- वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:52:42
सूर्यास्त————— 18:44:33
दिन काल————- 12:51:50
रात्री काल————- 11:07:10
चंद्रोदय—————- 13:59:50
चंद्रास्त—————- 27:25:56

लग्न—- मेष 4°16′ , 4°16′

सूर्य नक्षत्र—————– अश्विनी
चन्द्र नक्षत्र—————- आश्लेषा
नक्षत्र पाया——————- रजत

???????????? पद, चरण ????????????

डो—- आश्लेषा 07:55:41

मा—- मघा 14:39:21

मी—- मघा 21:24:02

मू—- मघा 28:09:32

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= मेष 04:10, अश्विनी 2 चे
चन्द्र=कर्क 28:30 , आश्लेषा 4 डो
बुध =मीन 24:53′ रेवती 3 च
शु क्र= मीन 21°05, रेवती ‘ 2 दो
मंगल=कुम्भ 26°30 ‘ पूoभाo’ 2 सो
गुरु=मेष 26°30 कृतिका , 1 अ
शनि=कुम्भ 21°50 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 21°00 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 21°00 हस्त , 4 ठ

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 13:55 – 15:32 अशुभ
यम घंटा 05:53 – 07:29 अशुभ
गुली काल 09:06 – 10: 42अशुभ
अभिजित 11:53 – 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 10:10 – 11:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:19 – 16:10 अशुभ
वर्ज्यम 21:24 – 23:12 अशुभ
प्रदोष 18:45 – 20:59 शुभ

????गंड मूल अहोरात्र अशुभ

????चोघडिया, दिन
शुभ 05:53 – 07:29 शुभ
रोग 07:29 – 09:06 अशुभ
उद्वेग 09:06 – 10:42 अशुभ
चर 10:42 – 12:19 शुभ
लाभ 12:19 – 13:55 शुभ
अमृत 13:55 – 15:32 शुभ
काल 15:32 – 17:08 अशुभ
शुभ 17:08 – 18:45 शुभ

????चोघडिया, रात
अमृत 18:45 – 20:08 शुभ
चर 20:08 – 21:31 शुभ
रोग 21:31 – 22:55 अशुभ
काल 22:55 – 24:18* अशुभ
लाभ 24:18* – 25:42* शुभ
उद्वेग 25:42* – 27:05* अशुभ
शुभ 27:05* – 28:28* शुभ
अमृत 28:28* – 29:52* शुभ

????होरा, दिन
बृहस्पति 05:53 – 06:57
मंगल 06:57 – 08:01
सूर्य 08:01 – 09:06
शुक्र 09:06 – 10:10
बुध 10:10 – 11:14
चन्द्र 11:14 – 12:19
शनि 12:19 – 13:23
बृहस्पति 13:23 – 14:27
मंगल 14:27 – 15:32
सूर्य 15:32 – 16:36
शुक्र 16:36 – 17:40
बुध 17:40 – 18:45

????होरा, रात
चन्द्र 18:45 – 19:40
शनि 19:40 – 20:36
बृहस्पति 20:36 – 21:31
मंगल 21:31 – 22:27
सूर्य 22:27 – 23:23
शुक्र 23:23 – 24:18
बुध 24:18* – 25:14
चन्द्र 25:14* – 26:09
शनि 26:09* – 27:05
बृहस्पति 27:05* – 28:01
मंगल 28:01* – 28:56
सूर्य 28:56* – 29:52

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

मेष > 04:52 से 06:30 तक
वृषभ > 06:30 से 08:30 तक
मिथुन > 08:30 से 10:48 तक
कर्क > 10:48 से 13:18 तक
सिंह > 13:18 से 15:22 तक
कन्या > 15:22 से 17:38 तक
तुला > 17:38 से 19:28 तक
वृश्चिक > 19:28 से 21:52 तक
धनु > 21:52 से 23:52 तक
मकर > 23:56 से 01:58 तक
कुम्भ > 01:58 से 03:20 तक
मीन > 03:20 से 04:48 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

10 + 5 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*धर्मराज दशमी

*शालीवाहन जयंती

*गुरु तेगबहादुर, गुरु अंगददेव जयंती

*पुरातत्व रक्षण दिवस

*तात्यांटोपे शहिद दिवस

???????????? शुभ विचार ????????????

दह्यमानाः सुतीब्रेण नीचाः परयशोऽग्निना ।
अशक्तास्तत्पदं गन्तुं ततो निन्दां प्रकुर्वते ।।
।। चा o नी o।।

जो नीच लोग होते है वो दुसरे की कीर्ति को देखकर जलते है. वो दुसरे के बारे में अपशब्द कहते है क्यों की उनकी कुछ करने की औकात नहीं है।

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: कर्मसन्यास योग अo-05

सर्वकर्माणि मनसा संन्यस्यास्ते सुखं वशी ।,
नवद्वारे पुरे देही नैव कुर्वन्न कारयन्‌ ॥,

अन्तःकरण जिसके वश में है, ऐसा सांख्य योग का आचरण करने वाला पुरुष न करता हुआ और न करवाता हुआ ही नवद्वारों वाले शरीर रूप घर में सब कर्मों को मन से त्यागकर आनंदपूर्वक सच्चिदानंदघन परमात्मा के स्वरूप में स्थित रहता है॥,13॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

????वृष
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।

????मिथुन
सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

????कर्क
धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है।

????सिंह
कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें।

????‍♀️कन्या
शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है।

⚖️तुला
शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा।

????वृश्चिक
किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।

????धनु
राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश सोच-समझकर करें।

????मकर
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

????कुंभ
चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा। दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

????मीन
कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। विवाद न करें।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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