
विधानसभा की कार्यवाही के साक्षी बने सागर के 26 विद्यार्थी, विधायक शैलेंद्र जैन की पहल से मिला संसदीय लोकतंत्र का व्यावहारिक अनुभव
निजी विश्वविद्यालय और पंचायत राज संशोधन विधेयक पर पक्ष-विपक्ष की बहस को छात्रों ने प्रत्यक्ष देखा
सागर। सागर विधायक शैलेंद्र जैन की पहल और विशेष प्रयासों से शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर के राजनीति विज्ञान विभाग के 26 छात्र-छात्राओं को मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही देखने और संसदीय प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने भोपाल पहुंचकर विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र के दौरान सदन की जीवंत कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
महाविद्यालय से भोपाल रवाना होने से पूर्व परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार शर्मा और डॉ. प्रतिभा जैन ने राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं अध्ययन दल प्रभारी डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉ. संदीप सबलोक तथा अरविंद चतुर्वेदी की मौजूदगी में विद्यार्थियों के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विधानसभा की दर्शक दीर्घा से देखी विधायी कार्यवाही
भोपाल पहुंचने के बाद विद्यार्थियों ने विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन अधिनियम तथा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अधिनियम पर सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हुई बहस को प्रत्यक्ष सुना।
छात्रों ने जाना कि किसी विधेयक को कानून का रूप देने से पहले सदन में किस प्रकार उसके विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाता है। इस अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को संसदीय लोकतंत्र, कानून निर्माण की प्रक्रिया और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विधायी बहस की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
विधायक शैलेंद्र जैन ने समझाई संसदीय कार्यप्रणाली
विधानसभा परिसर में विधायक शैलेंद्र जैन ने सागर से पहुंचे विद्यार्थियों से विशेष मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों को विधेयक प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सहित विधानसभा की विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ लोकतंत्र और नीति-निर्माण की वास्तविक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए। विधानसभा की कार्यप्रणाली को करीब से देखने से विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया के प्रति बेहतर समझ विकसित होती है।
संसदीय पत्रकारिता और जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी समझी
अध्ययन एवं प्रशिक्षण सत्र के दौरान भ्रमण दल प्रभारी डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉ. संदीप सबलोक और अरविंद चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को सदन की कार्यवाही, विधेयकों के संवैधानिक प्रावधानों, संसदीय नियमों और मीडिया-जनप्रतिनिधि संबंधों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा परिसर में मौजूद वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने संसदीय पत्रकारिता तथा कार्यपालिका और विधायिका के बीच समन्वय की भूमिका को भी समझा।
कार्यक्रम में कार्यालय सहायक लीलाधर अहिरवार और आशीष पटेल का विशेष सहयोग रहा। अध्ययन भ्रमण में कुल 26 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।











