
भूपेंद्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन बनी जरूरतमंदों की जीवनरेखा
15 दिनों में 95 मरीजों को मिला निःशुल्क रक्त, अब तक 1,950 जरूरतमंदों को मिल चुकी जीवनदायी मदद
सागर। संकट की घड़ी में रक्त के लिए भटक रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए ‘भूपेंद्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन सेवा’ लगातार जीवनरेखा बनकर सामने आ रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस सेवा के माध्यम से 9 से 22 जुलाई 2026 के बीच 15 दिनों में 95 जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया गया। इस दौरान प्रतिदिन औसतन 7 मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनके उपचार में मदद की गई।
2 जून 2025 को शुरू हुई इस जनकल्याणकारी पहल ने अब तक 1,950 जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों तक निःशुल्क रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। हेल्पलाइन केवल रक्त उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को कठिन समय में त्वरित सहायता, मानसिक संबल और आर्थिक राहत भी उपलब्ध करा रही है।
जिले से लेकर संभाग तक पहुंच रही मदद
हाल ही में हेल्पलाइन के माध्यम से रक्त प्राप्त करने वाले 95 मरीज बंडा, केसली, गौरझामर, गढ़ाकोटा, खुरई, सुरखी, रहली, राहतगढ़, मालथौन, नरयावली, बांदरी, बीना, देवरी, बेगमगंज, दमोह, सानौधा, बटियागढ़, जैसीनगर और दलपतपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से सागर में उपचार के लिए पहुंचे थे।
हेल्पलाइन से जुड़े स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं के त्वरित समन्वय से मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया गया, जिससे कई मरीजों का उपचार बिना किसी देरी के शुरू हो सका।
भूपेंद्र सिंह कर रहे नियमित मॉनिटरिंग
पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह स्वयं इस सेवा प्रकल्प की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं। उनका संकल्प है कि रक्त के अभाव में किसी भी जरूरतमंद मरीज का उपचार प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहकर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रही है।
24 घंटे इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
जरूरतमंद मरीज या उनके परिजन भूपेंद्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन के मोबाइल नंबर 9228035418 पर 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा लैंडलाइन नंबर (07582) 262688 पर भी सहायता उपलब्ध है। आपात स्थिति में 9425171211 पर कॉल, व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।
समाज की सहभागिता, रक्तदाताओं के समर्पण और स्वयंसेवकों की सेवा भावना से संचालित यह हेल्पलाइन अब हजारों परिवारों के लिए विश्वास, संवेदना और जीवन बचाने वाली पहल का पर्याय बन चुकी है।











