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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 07/05/2024, मंगलवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———-चतुर्दशी 11:40:10 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र——— अश्विनी 15:31:24
योग——— आयुष्मान 20:57:39
करण———– शकुनी 11:40:10
करण——— चतुष्पद 22:13:45
वार———————– मंगलवार
माह———————— वैशाख
चन्द्र राशि——————— मेष
सूर्य राशि——————— मेष
रितु————————– ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर———————- क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)————– कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत——————-1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:36:31
सूर्यास्त—————- 18:55:17
दिन काल————- 13:18:46
रात्री काल————- 10:40:32
चंद्रोदय—————- 05:55:43
चंद्रास्त—————- 18:15:56
लग्न—-मेष 22°44′ , 22°44′
सूर्य नक्षत्र—————— भरणी
चन्द्र नक्षत्र—————– अश्विनी
नक्षत्र पाया——————- स्वर्ण
???????????? पद, चरण ????????????
चो—- अश्विनी 10:03:19
ला—- अश्विनी 15:31:24
ली—- भरणी 21:00:14
लू—- भरणी 26:29:57
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मेष 22:10, भरणी 3 ले
चन्द्र=मीन 07:30 , अश्विनी 3 चो
बुध =मीन 26:53′ रेवती 4 ची
शु क्र= मेष 15°05, भरणी ‘ 1 ली
मंगल=मीन 10°30 ‘ उ oभाo’ 3 झ
गुरु=वृषभ 01°30 कृतिका , 2 ई
शनि=कुम्भ 22°00 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 20°00 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 20°00 हस्त , 4 ठ
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 15:36 – 17:15 अशुभ
यम घंटा 08:56 – 10:36 अशुभ
गुली काल 12:16 – 13: 56अशुभ
अभिजित 11:49 – 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 08:16 – 09:10 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:12 – 24:05* अशुभ
वर्ज्यम 11:53 – 13:20 अशुभ
प्रदोष 18:55 – 21:05 शुभ
????गंड मूल 05:37 – 15:31 अशुभ
????चोघडिया, दिन
रोग 05:37 – 07:16 अशुभ
उद्वेग 07:16 – 08:56 अशुभ
चर 08:56 – 10:36 शुभ
लाभ 10:36 – 12:16 शुभ
अमृत 12:16 – 13:56 शुभ
काल 13:56 – 15:36 अशुभ
शुभ 15:36 – 17:15 शुभ
रोग 17:15 – 18:55 अशुभ
????चोघडिया, रात
काल 18:55 – 20:15 अशुभ
लाभ 20:15 – 21:35 शुभ
उद्वेग 21:35 – 22:55 अशुभ
शुभ 22:55 – 24:16* शुभ
अमृत 24:16* – 25:36* शुभ
चर 25:36* – 26:56* शुभ
रोग 26:56* – 28:16* अशुभ
काल 28:16* – 29:36* अशुभ
????होरा, दिन
मंगल 05:37 – 06:43
सूर्य 06:43 – 07:50
शुक्र 07:50 – 08:56
बुध 08:56 – 10:03
चन्द्र 10:03 – 11:09
शनि 11:09 – 12:16
बृहस्पति 12:16 – 13:22
मंगल 13:22 – 14:29
सूर्य 14:29 – 15:36
शुक्र 15:36 – 16:42
बुध 16:42 – 17:49
चन्द्र 17:49 – 18:55
????होरा, रात
शनि 18:55 – 19:49
बृहस्पति 19:49 – 20:42
मंगल 20:42 – 21:35
सूर्य 21:35 – 22:29
शुक्र 22:29 – 23:22
बुध 23:22 – 24:16
चन्द्र 24:16* – 25:09
शनि 25:09* – 26:02
बृहस्पति 26:02* – 26:56
मंगल 26:56* – 27:49
सूर्य 27:49* – 28:42
शुक्र 28:42* – 29:36
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
मेष > 03:36 से 05:14 तक
वृषभ > 05:14 से 07:14 तक
मिथुन > 07:14 से 09:32 तक
कर्क > 09:32 से 12:02 तक
सिंह > 12:02 से 15:06 तक
कन्या > 15:06 से 16:22 तक
तुला > 16:22 से 18:12 तक
वृश्चिक > 18:12 से 20:36 तक
धनु > 20:36 से 22:36 तक
मकर > 22:36 से 00:42 तक
कुम्भ > 00:42 से 02:04 तक
मीन > 02:04 से 03:32 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 14 + 3 + 1 = 33 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*पितृकार्य अमावस्या
*सर्वार्थ व अमृत सिद्धि योग 15:31 तक
???????????? शुभ विचार ????????????
अत्यासन्ना विनाशाय दूरस्था न फलप्रदाः ।
सेव्यतां मध्यभागेन राजविह्निगुरुस्त्रियः ।।
।। चा o नी o।।जो व्यक्ति राजा से, अग्नि से, धर्म गुरु से और स्त्री से बहुत परिचय बढ़ाता है वह विनाश को प्राप्त होता है. जो व्यक्ति इनसे पूर्ण रूप से अलिप्त रहता है, उसे अपना भला करने का कोई अवसर नहीं मिलता. इसलिए इनसे सुरक्षित अंतर रखकर सम्बन्ध रखना चाहिए.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: आत्मसंयम योग अo-06
यदा हि नेन्द्रियार्थेषु न कर्मस्वनुषज्जते ।,
सर्वसङ्कल्पसन्न्यासी योगारूढ़स्तदोच्यते ॥,
जिस काल में न तो इन्द्रियों के भोगों में और न कर्मों में ही आसक्त होता है, उस काल में सर्वसंकल्पों का त्यागी पुरुष योगारूढ़ कहा जाता है॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। चोट व दुर्घटना से बचें। नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। घर में तनाव रहेगा। पार्टनरों से मतभेद व कहासुनी हो सकती है।
????वृष
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। सभी कार्य समय पर होंगे। निवेश शुभ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
????मिथुन
प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। थकान व कमजोरी रहेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। कोई बड़ा सौदा हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। घर-बाहर सभी तरफ से सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।
????कर्क
कोई आनंददायक यात्रा का आयोजन हो सकता है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कारोबारी व्यस्तता रहेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय होगा। प्रमाद न करें।
????सिंह
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। शोक समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। आय बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। मेहनत अधिक होगी।
????♀️कन्या
नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी। शत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। निवेश शुभ रहेगा। मेहनत का फल प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
⚖️तुला
आत्मसम्मान बना रहेगा। अच्छे समाचार मिलेंगे। अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। किसी बड़े काम को करने का मन बनेगा। जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नए मित्र बनेंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी।
????वृश्चिक
उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता में वृद्धि होगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। बेरोजगारी दूर होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य की अनुकूलता रहेगी। प्रमाद न करें।
????धनु
फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जीवनसाथी से असहयोग मिलेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी व लापरवाही न करें। धनहानि हो सकती है। विवाद से बचें। झंझटों से दूर रहें। आय में निश्चितता रहेगी।
????मकर
रुका हुआ धन मिलने के योग हैं, प्रयास करते रहें। यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। भाइयों का सहयोग प्रसन्नता में वृद्धि करेगा। घर-बाहर जीवन सुखमय रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
????कुंभ
नई योजना बनेगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। रोजगार में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। नए काम मिल सकते हैं। बाहर जाने का मन बनेगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। जल्दबाजी न करें।
????मीन
तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। थकान रहेगी।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











