
सागर में स्कूल बसों पर पुलिस का शिकंजा: 240 बसों की जांच, 110 में मिली खामियां, ₹77,900 का जुर्माना
10 दिवसीय विशेष अभियान में बिना लाइसेंस, फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों के संचालन समेत कई अनियमितताएं सामने आईं
सागर। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सागर पुलिस द्वारा चलाया गया 10 दिवसीय विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान पूरा हो गया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान जिलेभर में 240 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 110 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 77 हजार 900 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस ने स्कूल बसों का निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार निरीक्षण किया। जांच में एक वाहन बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस, दो बसें बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र, 7 वाहनों में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी तथा 5 वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन पाया गया। इसके अलावा मोटरयान अधिनियम के अन्य उल्लंघनों पर 95 चालान बनाए गए।
स्कूल बसों की सुरक्षा का बारीकी से हुआ निरीक्षण
पुलिस ने बसों के गोल्डन येलो रंग, ‘स्कूल बस’ अंकन, RC, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सुरक्षित दरवाजे, निर्धारित बैठक क्षमता, प्रशिक्षित परिचालक, चालक का वैध लाइसेंस एवं अनुभव, GPS/VLT, CCTV कैमरे, आपातकालीन निकास, सीटों, सीट बेल्ट, ब्रेक, टायर, लाइट, हॉर्न और वाइपर सहित सभी प्रमुख सुरक्षा मानकों की जांच की।
जिन स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ संबंधित स्कूल प्रबंधन को आवश्यक सुधार के लिए नोटिस भी जारी किए गए।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं: पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने विद्यालय संचालकों, स्कूल वाहन संचालकों और चालकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी बसों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सागर पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन, तेज गति या लापरवाही से वाहन चलाने जैसी अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या यातायात पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











