
पितृ मोक्ष अमावश्या पर झील किनारे बड़ी संख्या में नागरिक और झिलमिल दीपों की श्रंखला का आकर्षक नजारा दिखा
नागरिक पूजन आदि के दौरान घाटों पर पॉलीथिन आदि कचरा न फैलाएं, विसर्जन सामग्री घाट पर बनी नाडेप पिट में डालें: निगमायुक्त
निगमायुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर चकराघाट से गणेशघाट तक रात्रिकालीन साफ-सफाई की गई
सागर दिनांक 2 अक्टूबर 2024
दिन बुधवार को लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट से गणेशघाट तक रात्रि 8 बजे सफाई मित्रों द्वारा झाड़ू लगाकर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई।निगमायुक्त राजकुमार खत्री के निर्देशानुसार रात्रिकालीन सफाई कर घाटों को स्वच्छ बनाया गया। पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में शहर के नागरिक बड़ी संख्या में झील किनारे पहुँचे और अपने पूर्वजों की संतृप्ती हेतु पूजन आदि कर दीपक जलाये। दीपकों की श्रंखला से चकराघाट, भट्टोघाट, गणेशघाट आदि झील का किनारा जगमग रौशनी से दैदीप्य दिखा। पूजन करते नागरिकों सहित झील किनारे घूमने आये लोगों की चहल पहल का सुखद नजारा जहाँ सुकून दे रहा था वहीं दूसरी ओर कुछ नागरिकों द्वारा पूजन आदि के बाद घाटों पर ही पॉलीथिन प्लास्टिक सहित अन्य सामग्री डालकर गंदा कर दिया गया था घाटों पर फैले पन्नी पॉलीथिन आदि कचरे का नजारा प्रसन्नता को कम करने वाला था। सभी नागरिक स्वच्छता को अपना स्वभाव बनायें। स्वच्छता को अपना संस्कार बनायें और झील की खूबसूरती सहित शहर को साफ-स्वच्छ रखकर और बेहतर बनाने में सहयोगी बने। अपने घर, शहर, गली, मोहल्ले सहित ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने की नैतिक जिम्मेदारी निगम प्रशासन के साथ साथ ही प्रत्येक नागरिक की है सभी रहवासी अपना नागरिक धर्म निभायें और झील सहित अन्य जल स्रोत, ऐतिहासिक स्थल सहित शहर को साफ स्वच्छ रखने में सहयोगी बने। झील किनारे विसर्जन सामग्री डालने हेतु घाट पर नाडेप पिट हौदियाँ बनाई गई हैं इनमें फूल माला, विसर्जन सामग्री पॉलीथिन आदि से निकाल कर डालें। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें। घरों का कूड़ा करकट कचरा कलेक्शन वाहनों में ही दें।











