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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 11/10/2024, शुक्रवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———– अष्टमी 12:06:10 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र—— उत्तराषाढा 29:24:21
योग———— सुकर्मा 26:45:11
करण————– बव 12:06:10
करण———– बालव 23:37:25
वार———————– शुक्रवार
माह———————– आश्विन
चन्द्र राशि——- धनु 11:40:22
चन्द्र राशि——————मकर
सूर्य राशि——————–कन्या
रितु————————- शरद
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:18:16
सूर्यास्त————— 17:52:55
दिन काल———— 11:34:39
रात्री काल————- 12:25:53
चंद्रोदय————– 13:50:03
चंद्रास्त—————-24:19:24
लग्न—- कन्या 24°0′ , 174°0′
सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र————- उत्तराषाढा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
भे—- उत्तराषाढा 11:40:22
भो—- उत्तराषाढा 17:37:41
जा—- उत्तराषाढा 23:32:20
जी—- उत्तराषाढा 29:24:21
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= कन्या 24°05, चित्रा 1 पे
चन्द्र= धनु 13°30 , उ oषाo 1 भे
बुध =कन्या 29°53′ चित्रा 3 रा
शु क्र= तुला 27°05, विशाखा’ 3 ते
मंगल=मिथुन 25°30 ‘ पुनर्वसु’ 2 को
गुरु=वृषभ 27°30 मृगशिरा , 2 वो
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 11°42 उo भा o, 3 झ
केतु= (व)कन्या 11°42 हस्त 1 पू
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 10:39 – 12:06 अशुभ
यम घंटा 14:59 – 16:26 अशुभ
गुली काल 07:45 – 09: 12अशुभ
अभिजित 11:42 – 12:29 शुभ
दूर मुहूर्त 08:37 – 09:24 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:29 – 13:15 अशुभ
वर्ज्यम 13:40 – 15:15 अशुभ
प्रदोष 17:53 – 20:24 शुभ
????चोघडिया, दिन
चर 06:18 – 07:45 शुभ
लाभ 07:45 – 09:12 शुभ
अमृत 09:12 – 10:39 शुभ
काल 10:39 – 12:06 अशुभ
शुभ 12:06 – 13:32 शुभ
रोग 13:32 – 14:59 अशुभ
उद्वेग 14:59 – 16:26 अशुभ
चर 16:26 – 17:53 शुभ
????चोघडिया, रात
रोग 17:53 – 19:26 अशुभ
काल 19:26 – 20:59 अशुभ
लाभ 20:59 – 22:33 शुभ
उद्वेग 22:33 – 24:06* अशुभ
शुभ 24:06* – 25:39* शुभ
अमृत 25:39* – 27:12* शुभ
चर 27:12* – 28:46* शुभ
रोग 28:46* – 30:19* अशुभ
????होरा, दिन
शुक्र 06:18 – 07:16
बुध 07:16 – 08:14
चन्द्र 08:14 – 09:12
शनि 09:12 – 10:10
बृहस्पति 10:10 – 11:08
मंगल 11:08 – 12:06
सूर्य 12:06 – 13:03
शुक्र 13:03 – 14:01
बुध 14:01 – 14:59
चन्द्र 14:59 – 15:57
शनि 15:57 – 16:55
बृहस्पति 16:55 – 17:53
????होरा, रात
मंगल 17:53 – 18:55
सूर्य 18:55 – 19:57
शुक्र 19:57 – 20:59
बुध 20:59 – 22:02
चन्द्र 22:02 – 23:04
शनि 23:04 – 24:06
बृहस्पति 24:06* – 25:08
मंगल 25:08* – 26:10
सूर्य 26:10* – 27:12
शुक्र 27:12* – 28:15
बुध 28:15* – 29:17
चन्द्र 29:17* – 30:19
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
कन्या > 03:44 से 05:58 तक
तुला > 05:58 से 08: 06 तक
वृश्चिक > 08:06 से 10:34 तक
धनु > 10:34 से 12:46 तक
मकर > 12:46 से 15:36 तक
कुम्भ > 15:36 से 16:02 तक
मीन > 16:02 से 17:34 तक
मेष > 17:34 से 18:58 तक
वृषभ > 18:58 से 21:06 तक
मिथुन > 21:06 से 23:18 तक
कर्क > 23:18 से 01:48 तक
सिंह > 01:48 से 03:38 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
8 + 6 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*अष्टमी व्रत (महागौरी पूजन)
*सर्वार्थ सिद्धि योग 29:24 से प्रारम्भ
???????????? शुभ विचार ????????????
संसारतापदग्धानां त्रयो विश्रान्तेहेतवः ।
अपत्यं च कलत्रं च सतां सड्गतिरेव च ।।
।। चा o नी o।।
जब व्यक्ति जीवन के दुःख से झुलसता है उसे निम्नलिखित ही सहारा देते है…
१. पुत्र और पुत्री २. पत्नी ३. भगवान् के भक्त.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: विभूतियोग अo-10
अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् ।,
पितॄणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् ॥,
मैं नागों में (नाग और सर्प ये दो प्रकार की सर्पों की ही जाति है।,) शेषनाग और जलचरों का अधिपति वरुण देवता हूँ और पितरों में अर्यमा नामक पितर तथा शासन करने वालों में यमराज मैं हूँ॥,29॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
शारीरिक कष्ट संभव है। अनहोनी की आशंका रहेगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आराम का वक्त मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता तथा संतुष्टि से जीवन निर्वाह होगा। आय में वृद्धि होगी।
????वृष
परीक्षा, प्रतियोगिता व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। निवेश आदि शुभ फल देंगे। भाग्य का साथ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जल्दबाजी न करें।
????मिथुन
पुराना रोग उभर सकता है। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति विशेष से विवाद हो सकता है। मान घटेगा। किसी भी अपरिचित की बातों में न आएं। जल्दबाजी न करें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। धनार्जन होगा।
????कर्क
यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया लेनदारी वसूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। भाग्य का साथ रहेगा। निवेशादि शुभ फल देगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
????सिंह
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नए कार्य मिल सकते हैं। सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। मान-सम्मान प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। जल्दबाजी न करें।
????कन्या
दुष्टजनों से दूर बनाएं। धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ-दान इत्यादि में खर्च होगा। कोर्ट व कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों में रुके कार्य मनोनुकूल रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में लाभ होगा। शारीरिक कष्ट के योग हैं, सावधानी रखें।
⚖तुला
पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी विशेष व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने की क्षमता घटेगी। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। धनार्जन होगा।
????वृश्चिक
शत्रु नतमस्तक होंगे। आराम का वक्त प्राप्त होगा। चैन की सांस ले पाएंगे। थकान व कमजोरी रह सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। धन प्राप्ति सुगम होगी। निवेश शुभ फल देगा। कारोबार में वृद्धि होगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रमाद न करें।
????धनु
प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। अज्ञात भय रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कोई कारोबारी बड़ा सौदा हो सकता है। बेरोजगारी दूर होगी।
????मकर
विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। अध्ययन संबंधी बाधा दूर होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी।
????कुंभ
पुराना रोग उभर सकता है। बेवजह विवाद की स्थिति निर्मित होगी। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। भागदौड़ अधिक होगी। दुविधा रहेगी। जोखिम बिलकुल नहीं लें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। समय नेष्ट है।
????मीन
थोड़े प्रयास से काम बनेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। मान-सम्मान प्राप्त होगा। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। उत्साव व एकाग्रता में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। शुभ समय।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











