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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:02/05/2024, गुरुवार
नवमी, कृष्ण पक्ष,
वैशाख
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———- नवमी 25:52:23 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———- धनिष्ठा 25:47:44
योग———— शुक्ल 17:17:46
करण———- तैतुल 14:59:18
करण————– गर 25:52:23
वार———————- गुरूवार
माह——————— वैशाख
चन्द्र राशि——– मकर 14:31:33
चन्द्र राशि—————- कुम्भ
सूर्य राशि——————- मेष
रितु———————— ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:40:14
सूर्यास्त————— 18:52:24
दिन काल————- 13:12:09
रात्री काल————- 10:47:04
चंद्रास्त—————- 12:45:39
चंद्रोदय—————- 26:23:27
लग्न—- मेष 17°54′ , 17°54′
सूर्य नक्षत्र—————— भरणी
चन्द्र नक्षत्र—————— धनिष्ठा
नक्षत्र पाया——————– ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
गा—- धनिष्ठा 08:51:22
गी—- धनिष्ठा 14:31:32
गु—- धनिष्ठा 20:10:18
गे—- धनिष्ठा 25:47:44
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मेष 17:10, भरणी 2 लू
चन्द्र=धन 24:30 , धनिष्ठा 1 गा
बुध =मीन 23:53′ रेवती 3 चो
शु क्र= मेष 08°05, अश्विनी ‘ 3 चो
मंगल=मीन 06°30 ‘ उ oभाo’ 2 थ
गुरु=वृषभ 00°30 कृतिका , 2 ई
शनि=कुम्भ 22°00 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 20°20 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 20°20 हस्त , 4 ठ
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 13:55 – 15:34 अशुभ
यम घंटा 05:40 – 07:19 अशुभ
गुली काल 08:58 – 10: 37अशुभ
अभिजित 11:50 – 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 10:04 – 10:57 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:21 – 16:14 अशुभ
वर्ज्यम 06:58 – 08:29 अशुभ
प्रदोष 18:52 – 21:03 शुभ
????पंचक 14:32 – अहोरात्र अशुभ
????चोघडिया, दिन
शुभ 05:40 – 07:19 शुभ
रोग 07:19 – 08:58 अशुभ
उद्वेग 08:58 – 10:37 अशुभ
चर 10:37 – 12:16 शुभ
लाभ 12:16 – 13:55 शुभ
अमृत 13:55 – 15:34 शुभ
काल 15:34 – 17:13 अशुभ
शुभ 17:13 – 18:52 शुभ
????चोघडिया, रात
अमृत 18:52 – 20:13 शुभ
चर 20:13 – 21:34 शुभ
रोग 21:34 – 22:55 अशुभ
काल 22:55 – 24:16* अशुभ
लाभ 24:16* – 25:37* शुभ
उद्वेग 25:37* – 26:58* अशुभ
शुभ 26:58* – 28:19* शुभ
अमृत 28:19* – 29:39* शुभ
????होरा, दिन
बृहस्पति 05:40 – 06:46
मंगल 06:46 – 07:52
सूर्य 07:52 – 08:58
शुक्र 08:58 – 10:04
बुध 10:04 – 11:10
चन्द्र 11:10 – 12:16
शनि 12:16 – 13:22
बृहस्पति 13:22 – 14:28
मंगल 14:28 – 15:34
सूर्य 15:34 – 16:40
शुक्र 16:40 – 17:46
बुध 17:46 – 18:52
????होरा, रात
चन्द्र 18:52 – 19:46
शनि 19:46 – 20:40
बृहस्पति 20:40 – 21:34
मंगल 21:34 – 22:28
सूर्य 22:28 – 23:22
शुक्र 23:22 – 24:16
बुध 24:16* – 25:10
चन्द्र 25:10* – 26:04
शनि 26:04* – 26:58
बृहस्पति 26:58* – 27:52
मंगल 27:52* – 28:46
सूर्य 28:46* – 29:39
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
मेष > 03:56 से 05:34 तक
वृषभ > 05:34 से 07:34 तक
मिथुन > 07:34 से 09:52 तक
कर्क > 09:52 से 12: 22 तक
सिंह > 12:22 से 15:26 तक
कन्या > 15:26 से 16:42 तक
तुला > 16:42 से 18:32 तक
वृश्चिक > 18:32 से 20:56 तक
धनु > 20:56 से 22:56 तक
मकर > 22:56 से 01:02 तक
कुम्भ > 01:02 से 02:24 तक
मीन > 02:24 से 03:52 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 9 + 5 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
गुरु ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
24 + 24 + 5 = 53 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
- चंडिका नवमी
*गुरु अर्जुनदेव जयंती
???????????? शुभ विचार ????????????
धर्माख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत् ।
सा सर्वदैव तिष्ठेच्चेत्को न मुच्येत बन्धनात् ।।
।। चा o नी o।।वह व्यक्ति क्यों मुक्ति को नहीं पायेगा जो निम्न लिखित परिस्थितियों में जो उसके मन की अवस्था होती है उसे कायम रखता है...
जब वह धर्म के अनुदेश को सुनता है.
जब वह स्मशान घाट में होता है.
जब वह बीमार होता है.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: कर्मसन्यास योग अo-05
स्पर्शान्कृत्वा बहिर्बाह्यांश्चक्षुश्चैवान्तरे भ्रुवोः ।,
प्राणापानौ समौ कृत्वा नासाभ्यन्तरचारिणौ ॥,
यतेन्द्रियमनोबुद्धिर्मुनिर्मोक्षपरायणः ।,
विगतेच्छाभयक्रोधो यः सदा मुक्त एव सः ॥,
बाहर के विषय-भोगों को न चिन्तन करता हुआ बाहर ही निकालकर और नेत्रों की दृष्टि को भृकुटी के बीच में स्थित करके तथा नासिका में विचरने वाले प्राण और अपानवायु को सम करके, जिसकी इन्द्रियाँ मन और बुद्धि जीती हुई हैं, ऐसा जो मोक्षपरायण मुनि (परमेश्वर के स्वरूप का निरन्तर मनन करने वाला।,) इच्छा, भय और क्रोध से रहित हो गया है, वह सदा मुक्त ही है॥,27-28॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
सही काम का भी विरोध होगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। कोई बड़ी समस्या बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने के प्रति रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन बना रहेगा।
????वृष
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। झंझटों में न पड़ें। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी।
????मिथुन
शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐश्वर्य के साधनों पर सोच-समझकर खर्च करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि बाद में पछताना पड़े। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। नकारात्मकता हावी रहेगी।
????कर्क
प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्त्री वर्ग से सहायता प्राप्त होगी। नौकरी व निवेश में इच्छा पूरी होने की संभावना है।
????सिंह
भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। देनदारी कम होगी। नौकरी में मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट आदि से बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार की चिंता बनी रहेगी।
????♀️कन्या
शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। झंझटों में न पड़ें।
⚖️तुला
शत्रुओं का पराभव होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। बेवजह किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के बहकावे में न आएं। फालतू बातों पर ध्यान न दें। लाभ में वृद्धि होगी।
????वृश्चिक
पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की बाधा दूर होगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि तथा सम्मान में वृद्धि होगी।
????धनु
किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। राजभय रहेगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। सही काम का भी विरोध हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें।
????मकर
कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। किसी अनहोनी की आशंका रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में लापरवाही न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है।
????कुंभ
मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है या समय पर नहीं मिलेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यश बढ़ेगा।
????मीन
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति बढ़ेगी। चिंता रह सकती है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











