
विधायक शैलेन्द्र जैन ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माननीय कैलाश विजयवर्गीय से अमृत योजनांतर्गत 24×7 जल प्रदाय योजना के संबंध में प्रश्न पूछा
सागर।मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक शैलेंद्र जैन ने प्रश्न के माध्यम से पूछा कि अमृत योजनांतर्गत सागर में 24×7 जल प्रदाय योजना कब तक पूर्ण की जानी थी एवं प्रश्न दिनांक तक इसकी क्या प्रगति है। विलम्ब के लिए क्रियान्वयन एजेन्सी पर क्या कार्यवाही की गई। योजनांतर्गत शहर में पाइप-लाइन बिछाने के बाद सड़कों के रिनोवेशन कार्य में विलंब किया जाता है, जिस कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं साथ ही आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, शासन द्वारा इस दिशा में मॉनिटरिंग की जा रही है। योजना का मूल उद्देश्य शहर की जनता को 24 घंटे 7 दिन पानी उपलब्ध कराना है, वर्तमान में योजनांतर्गत राजघाट बांध से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बांध का जल स्तर गर्मी आते आते कम हो जाता है, इसकी जलापूर्ति बांध की ऊंचाई को बढ़ाकर ही संभव है, शासन के समक्ष क्या इस दिशा में कोई कार्यवाही प्रचलन में हैं। योजनांतर्गत जिन इलाकों में पाइप लाइन डालकर पानी की टेस्टिंग की गई है, वहां घरों तक पानी प्रेशर से नहीं पहुंच पाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, इस पर शासन द्वारा क्या कदम उठाये गये। प्रश्न के उत्तर में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि, यह योजना अमृत योजनांतर्गत नहीं अपितु ए.डी.बी. वित्त पोषित एमपीयूडीसी द्वारा नगर निगम सागर मकरोनिया अंतर्गत संचालित जलप्रदाय परियोजना है जो 30.06.2024 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। प्रश्न दिनांक तक परियोजना की भौतिक प्रगति 76 प्रतिशत है। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों/आमजन की मांग के आधार पर जल वितरण पाइप-लाइन का विस्तारीकरण उन क्षेत्रों में किया गया जो डीपीआर में सम्मिलित नहीं थे, परियोजना के विभिन्न विद्यमान घटकों के मरम्मत का कार्य, पुरानी जल वितरण पाइप-लाइन प्रतिस्थापन के कार्य से परियोजना में विलम्ब हुआ। विलम्ब हेतु अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु राशि रोकी गई है। अनुबंध के प्रावधानों अनुसार समयावधि की वृद्धि पर गुण-दोष का परीक्षण कर, कार्य एजेंसी के विरूद्ध प्रकरण पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लेकर कार्यवाही की जावेगी। निर्माण कार्यों से आम लोगों को आवागमन में आ रही परेशारियों से इनकार नहीं किया जा सकता, इसका यथासंभव निदान किया जायेगा। त्वरित विभागीय मॉनीटरिंग कर अनुबंध के प्रावधान एवं शासन द्वारा प्रदत्त नियम निर्देशों के तहत सड़कों का रिनोवेशन का कार्य तत्परता से किया जाता है। साथ ही सड़कों के रिनोवेशन कार्य में, एमपीयूडीसी मुख्यालय से भी रोड रिनोवेशन कार्य हेतु निरंतर निगरानी की जाती है, यदि रिनोवेशन में विलम्ब किया जाता है तो विभाग द्वारा समय-समय पर निर्माण एजेंसी को सूचित किया जाकर निर्माण कार्यों के देयकों में से कटौती कर कार्यवाही भी की गई है। जी हाँ योजनांतर्गत राजघाट बांध से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बांध का जल स्तर गर्मी आते आते कम हो जाता है, इसकी जलापूर्ति बांध की ऊंचाई को बढ़ाकर ही संभव है, यह प्रस्ताव जलसंसाधन विभाग में स्वीकृति हेतु विचाराधीन है। योजना अभी पूर्ण नहीं हुई है एवं प्रेशर संबंधी आंशिक शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु निर्माण एजेंसी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निदान कार्य किया जाता है। स्थायी निराकरण के लिए सागर जलप्रदाय योजना में पुरानी पाइप-लाइन के प्रतिस्थापना का कार्य वर्तमान में समानांतर प्रगतिरत है।











