संपूर्ण पंचांग देने का राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 10/07/2024 बुधवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 10/07/2024, बुधवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष,
आषाढ
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———–चतुर्थी 07:51:24 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र————- मघा 10:14:04
योग———- व्यतिपत 27:08:21
करण——- विष्टि भद्र 07:51:24
करण————– बव 20:54:13
वार———————— बुधवार
माह————————आषाढ
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि——————- मिथुन
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:32:35
सूर्यास्त—————- 19:16:34
दिन काल————–13:43:59
रात्री काल————- 10:16:28
चंद्रोदय—————- 09:19:56
चंद्रास्त—————- 22:23:47

लग्न—- मिथुन 24°3′ , 84°3′

सूर्य नक्षत्र——————पुनर्वसु
चन्द्र नक्षत्र——————- मघा
नक्षत्र पाया——————- रजत

???????????? पद, चरण ????????????

मे—- मघा 10:14:04

मो—- पूर्वा फाल्गुनी 16:54:12

टा—- पूर्वा फाल्गुनी 23:35:52

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= मिथुन 24°05, पुनर्वसु 2 को
चन्द्र=सिंह 10°30 , अश्लेषा 4 मे
बुध =कर्क 17°53′ अश्लेषा 1 डी
शु क्र= कर्क 03°05, पुष्य ‘ 1 हु
मंगल=मेष 28°30 ‘ कृतिका’ 1 अ
गुरु=वृषभ 15°30 रोहिणी , 2 वा
शनि=कुम्भ 25°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 16°40 रेवती , 1 दे
केतु=(व) कन्या 16°40 हस्त , 3 ण

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 12:25 – 14:08 अशुभ
यम घंटा 07:16 – 08:59 अशुभ
गुली काल 10:42 – 12: 25अशुभ
अभिजित 11:57 – 12:52 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:57 – 12:52 अशुभ
वर्ज्यम 19:08 – 20:55 अशुभ
प्रदोष 19:17 – 21:21. शुभ

????गंड मूल 05:33 – 10:14 अशुभ

????चोघडिया, दिन
लाभ 05:33 – 07:16 शुभ
अमृत 07:16 – 08:59 शुभ
काल 08:59 – 10:42 अशुभ
शुभ 10:42 – 12:25 शुभ
रोग 12:25 – 14:08 अशुभ
उद्वेग 14:08 – 15:51 अशुभ
चर 15:51 – 17:34 शुभ
लाभ 17:34 – 19:17 शुभ

????चोघडिया, रात
उद्वेग 19:17 – 20:34 अशुभ
शुभ 20:34 – 21:51 शुभ
अमृत 21:51 – 23:08 शुभ
चर 23:08 – 24:25* शुभ
रोग 24:25* – 25:42* अशुभ
काल 25:42* – 26:59* अशुभ
लाभ 26:59* – 28:16* शुभ
उद्वेग 28:16* – 29:33* अशुभ

????होरा, दिन
बुध 05:33 – 06:41
चन्द्र 06:41 – 07:50
शनि 07:50 – 08:59
बृहस्पति 08:59 – 10:07
मंगल 10:07 – 11:16
सूर्य 11:16 – 12:25
शुक्र 12:25 – 13:33
बुध 13:33 – 14:42
चन्द्र 14:42 – 15:51
शनि 15:51 – 16:59
बृहस्पति 16:59 – 18:08
मंगल 18:08 – 19:17

????होरा, रात
सूर्य 19:17 – 20:08
शुक्र 20:08 – 20:59
बुध 20:59 – 21:51
चन्द्र 21:51 – 22:42
शनि 22:42 – 23:33
बृहस्पति 23:33 – 24:25
मंगल 24:25* – 25:16
सूर्य 25:16* – 26:08
शुक्र 26:08* – 26:59
बुध 26:59* – 27:50
चन्द्र 27:50* – 28:42
शनि 28:42* – 29:33

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

मिथुन > 03:02 से 05:22 तक
कर्क > 05:22 से 07:32 तक
सिंह > 07:32 से 09:42 तक
कन्या > 09:42 से 11:56 तक
तुला > 11:56 से 14: 22 तक
वृश्चिक > 14:22 से 16:26 तक
धनु > 16:26 से 18:32 तक
मकर > 18:32 से 20:20 तक
कुम्भ > 20:24 से 21:50 तक
मीन > 21:50 से 23:18 तक
मेष > 23:18 से 00:56 तक
वृषभ > 00:56 से 02:56 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

4 + 4 + 1 = 9 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 07:51 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

???????? विशेष जानकारी ????????

  • गुप्त नवरात्रि श्री भुवनेश्वरी पूजन

???????????? शुभ विचार ????????????

युगान्ते प्रचलेन्मेरुः कल्पान्ते सप्त सागराः ।
साधवः प्रतिपन्नार्थान्न चलन्ति कदाचन ।।
।। चा o नी o।।जब युग का अंत हो जायेगा तो मेरु पर्वत डिग जाएगा. जब कल्प का अंत होगा तो सातों समुद्र का पानी विचलित हो जायगा. लेकिन साधू कभी भी अपने अध्यात्मिक मार्ग से नहीं डिगेगा.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: ज्ञानविज्ञानयोग अo-07

अन्तवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम्‌ ।,
देवान्देवयजो यान्ति मद्भक्ता यान्ति मामपि ॥,

परन्तु उन अल्प बुद्धिवालों का वह फल नाशवान है तथा वे देवताओं को पूजने वाले देवताओं को प्राप्त होते हैं और मेरे भक्त चाहे जैसे ही भजें, अन्त में वे मुझको ही प्राप्त होते हैं॥,23॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। बड़ा काम करने का मन बनेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। भाग्य अनुकूल रहेगा। रुके कार्य पूरे होंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय होगा।

????वृष
विवाद को बढ़ावा न दें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। दु:खद समाचार मिल सकता है। बेकार बातों की तरफ ध्यान न दें। दौड़धूप अधिक होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग कम मिलेगा। कार्य की अधिकता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

????मिथुन
रचनात्मक कार्य पूर्ण व सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आयोजन होगा। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता प्राप्त होगी। व्यस्तता रहेगी। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर सभी ओर से सफलता तथा प्रसन्नता प्राप्त होगा।

????कर्क
स्थायी संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। प्रॉपर्टी के कामकाज बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। रोजगार मिलेगा। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। लापरवाही न करें।

????सिंह
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उत्साह की अधिकता तथा व्यस्तता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। कारोबार ठीक चलेगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है, लाभ लें। घर-बाहर सभी ओर से सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी।

????‍♀️कन्या
बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। काम करने की इच्छा नहीं होगी। विवाद से क्लेश संभव है। बनते कामों में बाधा उत्पन्न होगी। मेहनत अधिक और लाभ कम रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। घर में तनाव रह सकता है। दूसरे लोग आपसे अधिक अपेक्षा करेंगे।

⚖️तुला
कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में चैन रहेगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। जल्दबाजी न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

????वृश्चिक
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्यभार तथा अधिकार दोनों बढ़ सकते हैं। बाहर जाने की योजना बनेगी। शत्रुओं का पराभव होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

????धनु
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेशादि मनोनुकूल लाभ देंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में लाभ बढ़ेगा। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर सुख-शांति बनी रहेगी।

????मकर
विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से बचें। घर-परिवार की चिंता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

????कुंभ
चोट व रोग से बाधा संभव है। झंझटों में न पड़ें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। समय अनुकूल है, लाभ लें। प्रमाद न करें। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

????मीन
उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। फालतू खर्च होगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। कारोबार में लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड आदि मनोनुकूल लाभ देंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ होगा।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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