रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्कलेब बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगाः-मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

**रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्कलेब बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगाः-
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

4500 से अधिक उद्यमियों ने पंजीयन कराया

अलग-अलग क्षेत्र के 60 से अधिक प्रमुख उद्योगपति आएंगे आएंगे

मयनिग, टूरिज्म नवकरणीय ऊर्जा और टेक्सटाइल आईटी डाटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश होगा
*
odop कार्यशाला आयोजित की जाएगी

सागर। बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर में 27 सितंबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेब बुंदेलखंड के विकास में मिल का पत्थर साबित होगी। कॉन्कलेब का उद्घाटन मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे यह जानकारी बुधवार की शाम खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने आयोजन स्थल पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड की तैयारी का जायजा लेते हुए दी।
उन्होंने बताया कि तैयारियां अतिम चंरण में है। इस भव्य आयोजन में देश और विदेश के साढे चार हजार से अधिक उघमियों ने अभी तक पंजीयन कराया है। उघोग के विभिनन क्षेत्रों से 60 से अधिक उघोगपति शामिल होंगे। एक दिवसीय इस आयोजन में खनिज पर्यटन नवकरणीय उर्जा टेक्सटाईल, आईटी, डॉटा सेंटर के क्षेत्र में भरपूर निवेश होने की संभावना है। आयोजन के अंत में ओडी ओपी पर कार्यशाला आयोजित की जावेगी। कॉन्कलेब की तैयारियां अंतिम चरण में है पूरे शहर को आमंत्रित अतिथियों के स्वागत में दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्कलेब में मध्य प्रदेश के साथ-साथ देश और विदेश के उद्यमीयो को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव उद्यमियों से चर्चा कर बुंदेलखंड में निवेश करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री डॉ यादव को बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास की चिंता है वह हर समय मुझे से बुंदेलखंड के विकास पर चर्चा करते हैं उन्होंने बताया बुंदेलखंड क्षेत्र में खनिज, पर्यटन, कुटीर उद्योग ,जैसे बीड़ी, अगरबत्ती ,नवकरणीय ऊर्जा, पेट्रोल केमिकल्स ,प्लास्टिक, खाद्य प्रसंस्करण, डेरी और फर्नीचर निर्माण में उद्योग लगाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
मंत्री श्री राजपूत ने बताया सागर की पहचान चांदी उद्योग के रूप में देश में है फुट प्रोसेसिंग के क्षेत्र में चनौआ में टमाटर, चितौरा में मिर्ची, जैसीनगर की हल्दी और शाहगड़ में देसी घी के उत्पादन की इकाइयां स्थापित किए जाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यदि यह प्रयास किए जाते है तो सागर फूड प्रोसेसिंग एवं उत्पादन का हब बन सकता है। इसी प्रकार शाहगड़ और हीरापुर क्षेत्र में खनिज उत्पादन इकाइयां स्थापित किए जाने की बेहतर संभावनाएं हैं। यहां का रॉक फास पेट , डोलामाइट,जिप्सम, सोप स्टोन ,आयरन प्रचुर मात्रा में है। शाहगड़ का खनिज पूरे देश में विख्यात है एक समय शाहगड़ के काले पत्थर की विदेश में कल सोने के रूप में पहचान थी। मंत्री श्री राजपूत ने बताया सागर के सिद्धआ औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के भरपूर प्रयास किए जाएंगे ।यहां के उद्यमियों को सड़क बिजली और पानी जैसी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया आयोजन में एक जिला एक उत्पाद पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें उत्पादों के प्रोसेसिंग मार्केटिंग ,बैंक सुविधाओं और निर्यात के संबंध में उद्यमियों से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चर्चा करेंगे।
आयोजन स्थल के निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री राजपूत के साथ नगर विधायक शैलेन्द जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया, जिला मंत्री देवेन्द्र फुशकेले, डॉ वीरेंद्र पाठक पार्षद रूपेश यादव,अनिल श्रीवास्तव,संभाग आयुक्त डॉं. वीरेन्द्रसिंह रावत, कलेक्टर संदीप जी आर, एस.पी. विवेक सहवाल सहित अन्य अधिकारी और पार्टी के नेता मौजूद थे

Leave a Comment

Read More