संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 26/09/2024 गुरुवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 26/09/2024, गुरुवार
नवमी, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– नवमी 12:24:58 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——— पुनर्वसु 23:32:52
योग———– परिघ 23:39:54
करण————– गर 12:24:58
करण———- वणिज 24:47:38
वार———————- गुरूवार
माह——————— आश्विन
चन्द्र राशि—– मिथुन 17:11:41
चन्द्र राशि—————– कर्क
सूर्य राशि—————– कन्या
रितु————————- शरद
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————– 1946
कलि संवत——————5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:10:45
सूर्यास्त————– 18:09:35
दिन काल———— 11:58:50
रात्री काल————- 12:01:37
चंद्रास्त————– 14:39:27
चंद्रोदय—————- 25:03:43

लग्न—- कन्या 9°13′ , 159°13′

सूर्य नक्षत्र——– उत्तर फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र—————- पुनर्वसु
नक्षत्र पाया—————— रजत

???????????? पद, चरण ????????????

को—- पुनर्वसु 10:52:52

हा—- पुनर्वसु 17:11:41

ही—- पुनर्वसु 23:32:52

हु—- पुष्य 29:56:21

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= कन्या 09°05, उ oफाo 4 पी
चन्द्र= मिथुन 11°30 , पुनर्वसु 2 को
बुध =कन्या 05°53′ उ o फाo 3 पा
शु क्र= तुला 09°05, स्वाति’ 1 रू
मंगल=मिथुन 18°30 ‘ आर्द्रा ‘ 4 छ
गुरु=वृषभ 26°30 मृगशिरा , 2 वो
शनि=कुम्भ 20°50 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 12°30 उo भा o, 3 झ
केतु= (व)कन्या 12°30 हस्त 1 पू

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 13:40 – 15:10 अशुभ
यम घंटा 06:11 – 07:41 अशुभ
गुली काल 09:10 – 10: 40अशुभ
अभिजित 11:46 – 12:34 शुभ
दूर मुहूर्त 10:10 – 10:58 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:58 – 15:46 अशुभ
वर्ज्यम 10:53 – 12:34 अशुभ
प्रदोष 18:10 – 20:36 शुभ

चोघडिया, दिन
शुभ 06:11 – 07:41 शुभ
रोग 07:41 – 09:10 अशुभ
उद्वेग 09:10 – 10:40 अशुभ
चर 10:40 – 12:10 शुभ
लाभ 12:10 – 13:40 शुभ
अमृत 13:40 – 15:10 शुभ
काल 15:10 – 16:40 अशुभ
शुभ 16:40 – 18:10 शुभ
चोघडिया, रात
अमृत 18:10 – 19:40 शुभ
चर 19:40 – 21:10 शुभ
रोग 21:10 – 22:40 अशुभ
काल 22:40 – 24:10* अशुभ
लाभ 24:10* – 25:41* शुभ
उद्वेग 25:41* – 27:11* अशुभ
शुभ 27:11* – 28:41* शुभ
अमृत 28:41* – 30:11* शुभ

????चोघडिया, दिन
शुभ 06:11 – 07:41 शुभ
रोग 07:41 – 09:10 अशुभ
उद्वेग 09:10 – 10:40 अशुभ
चर 10:40 – 12:10 शुभ
लाभ 12:10 – 13:40 शुभ
अमृत 13:40 – 15:10 शुभ
काल 15:10 – 16:40 अशुभ
शुभ 16:40 – 18:10 शुभ

????चोघडिया, रात
अमृत 18:10 – 19:40 शुभ
चर 19:40 – 21:10 शुभ
रोग 21:10 – 22:40 अशुभ
काल 22:40 – 24:10* अशुभ
लाभ 24:10* – 25:41* शुभ
उद्वेग 25:41* – 27:11* अशुभ
शुभ 27:11* – 28:41* शुभ
अमृत 28:41* – 30:11* शुभ

????होरा, दिन
बृहस्पति 06:11 – 07:11
मंगल 07:11 – 08:11
सूर्य 08:11 – 09:10
शुक्र 09:10 – 10:10
बुध 10:10 – 11:10
चन्द्र 11:10 – 12:10
शनि 12:10 – 13:10
बृहस्पति 13:10 – 14:10
मंगल 14:10 – 15:10
सूर्य 15:10 – 16:10
शुक्र 16:10 – 17:10
बुध 17:10 – 18:10

????होरा, रात
चन्द्र 18:10 – 19:10
शनि 19:10 – 20:10
बृहस्पति 20:10 – 21:10
मंगल 21:10 – 22:10
सूर्य 22:10 – 23:10
शुक्र 23:10 – 24:10
बुध 24:10* – 25:11
चन्द्र 25:11* – 26:11
शनि 26:11* – 27:11
बृहस्पति 27:11* – 28:11
मंगल 28:11* – 29:11
सूर्य 29:11* – 30:11

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

कन्या > 04:36 से 06:50 तक
तुला > 06:50 से 08: 58 तक
वृश्चिक > 08:58 से 11:24 तक
धनु > 11:24 से 13:34 तक
मकर > 13:34 से 16:28 तक
कुम्भ > 16:28 से 16:54 तक
मीन > 16:54 से 18:26 तक
मेष > 18:26 से 19:50 तक
वृषभ > 19:50 से 21:58 तक
मिथुन > 21:58 से 00:10 तक
कर्क > 00:10 से 02:40 तक
सिंह > 02:40 से 04:46 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 9 + 5 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

24 + 24 + 5 = 53 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 24:52 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

???????? विशेष जानकारी ????????

*दशमी श्राद्ध

*सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 2333 से

???????????? शुभ विचार ????????????

अभ्यासाध्दार्यते विद्या कुलं शीलेन धार्यते ।
गुणेन ज्ञायते त्वार्यः कोपो नेत्रेण गम्यते ।।
।। चा o नी o।।

जो वैदिक ज्ञान की निंदा करते है, शास्र्त सम्मत जीवनशैली की मजाक उड़ाते है, शांतीपूर्ण स्वभाव के लोगो की मजाक उड़ाते है, बिना किसी आवश्यकता के दुःख को प्राप्त होते है.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: विभूतियोग अo-10

स्वयमेवात्मनात्मानं वेत्थ त्वं पुरुषोत्तम ।,
भूतभावन भूतेश देवदेव जगत्पते ॥,

हे भूतों को उत्पन्न करने वाले! हे भूतों के ईश्वर! हे देवों के देव! हे जगत्‌ के स्वामी! हे पुरुषोत्तम! आप स्वयं ही अपने से अपने को जानते हैं॥,15॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।

????वृष
घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

????मिथुन
मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।

????कर्क
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।

????सिंह
अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।

????‍♀️कन्या
घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।

⚖️तुला
यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।

????वृश्चिक
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

????धनु
सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।

????मकर
बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।

????कुंभ
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

????मीन
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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