संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 09/10/2024 बुधवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 09/10/2024, बुधवार
षष्ठी, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———— षष्ठी 12:13:55 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———— मूल 29:14:08
योग———- सौभाग्य 06:35:36
योग———— शोभन 29:51:55
करण———– तैतुल 12:13:55
करण————– गर 24:27:43
वार———————– बुधवार
माह———————- आश्विन
चन्द्र राशि—————— धनु
सूर्य राशि—————– कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————–दक्षिणायण
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2080
शक संवत—————- 1946
कलि संवत—————- 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:17:12
सूर्यास्त—————17:55:03
दिन काल———— 11:37:50
रात्री काल————-12:22:41
चंद्रोदय————– 12:04:44
चंद्रास्त—————-22:14:52

लग्न—- कन्या 22°1′ , 172°1′

सूर्य नक्षत्र—————— हस्त
चन्द्र नक्षत्र——————- मूल
नक्षत्र पाया——————- ताम्र

???????????? पद, चरण ????????????

ये—- मूल 10:27:39

यो—- मूल 16:45:36

भा—- मूल 23:01:07

भी—- मूल 29:14:08

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= कन्या 22°05, हस्त 4 ठ
चन्द्र= धनु 01°30 , मूल 1 ये
बुध =कन्या 28°53′ चित्रा 2 पो
शु क्र= तुला 25°05, विशाखा’ 2 तू
मंगल=मिथुन 24°30 ‘ पुनर्वसु’ 2 को
गुरु=वृषभ 27°30 मृगशिरा , 2 वो
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 11°45 उo भा o, 3 झ
केतु= (व)कन्या 11°45 हस्त 1 पू

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 12:06 – 13:33 अशुभ
यम घंटा 07:44 – 09:12 अशुभ
गुली काल 10:39 – 12: 06अशुभ
अभिजित 11:43 – 12:29 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:43 – 12:29 अशुभ
वर्ज्यम 27:35* – 29:14. अशुभ
प्रदोष 17:55 – 20:26 शुभ

????गंड मूल 06:17 – 29:14 अशुभ

????चोघडिया, दिन
लाभ 06:17 – 07:44 शुभ
अमृत 07:44 – 09:12 शुभ
काल 09:12 – 10:39 अशुभ
शुभ 10:39 – 12:06 शुभ
रोग 12:06 – 13:33 अशुभ
उद्वेग 13:33 – 15:01 अशुभ
चर 15:01 – 16:28 शुभ
लाभ 16:28 – 17:55 शुभ

????चोघडिया, रात
उद्वेग 17:55 – 19:28 अशुभ
शुभ 19:28 – 21:01 शुभ
अमृत 21:01 – 22:34 शुभ
चर 22:34 – 24:06* शुभ
रोग 24:06* – 25:39* अशुभ
काल 25:39* – 27:12* अशुभ
लाभ 27:12* – 28:45* शुभ
उद्वेग 28:45* – 30:18* अशुभ

????होरा, दिन
बुध 06:17 – 07:15
चन्द्र 07:15 – 08:14
शनि 08:14 – 09:12
बृहस्पति 09:12 – 10:10
मंगल 10:10 – 11:08
सूर्य 11:08 – 12:06
शुक्र 12:06 – 13:04
बुध 13:04 – 14:02
चन्द्र 14:02 – 15:01
शनि 15:01 – 15:59
बृहस्पति 15:59 – 16:57
मंगल 16:57 – 17:55

????होरा, रात
सूर्य 17:55 – 18:57
शुक्र 18:57 – 19:59
बुध 19:59 – 21:01
चन्द्र 21:01 – 22:03
शनि 22:03 – 23:05
बृहस्पति 23:05 – 24:06
मंगल 24:06* – 25:08
सूर्य 25:08* – 26:10
शुक्र 26:10* – 27:12
बुध 27:12* – 28:14
चन्द्र 28:14* – 29:16
शनि 29:16* – 30:18

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

कन्या > 03:52 से 06:06 तक
तुला > 06:06 से 08: 14 तक
वृश्चिक > 08:14 से 10:42 तक
धनु > 10:42 से 12:54 तक
मकर > 12:54 से 15:44 तक
कुम्भ > 15:44 से 16:10 तक
मीन > 16:10 से 17:42 तक
मेष > 17:42 से 19:06 तक
वृषभ > 19:06 से 21:14 तक
मिथुन > 21:14 से 23:26 तक
कर्क > 23:26 से 01:56 तक
सिंह > 01:56 से 03:46 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

6 + 4 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*सरस्वती आवाहन

*तप षष्ठी (उड़ीसा)

*आमेर मेला (जयपुर)

*गुरु रामदास जयंती

???????????? शुभ विचार ????????????

मूर्खश्चिरायुर्जातोऽपि तस्माज्जातमृतो वरः ।
मृतः स चाऽल्पदुःखाय यावज्जीवं जडोदहेत् ।।
।। चा o नी o।।

एक ऐसा बालक जो जन्मते वक़्त मृत था, एक मुर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है. पहला बालक तो एक क्षण के लिए दुःख देता है, दूसरा बालक उसके माँ बाप को जिंदगी भर दुःख की अग्नि में जलाता है.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: विभूतियोग अo-10

उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्धवम्‌ ।,
एरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम्‌ ॥,

घोड़ों में अमृत के साथ उत्पन्न होने वाला उच्चैःश्रवा नामक घोड़ा, श्रेष्ठ हाथियों में ऐरावत नामक हाथी और मनुष्यों में राजा मुझको जान॥,27॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। कोई मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। शरीर कष्ट से बचें।

????वृष
मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दूसरे से अधिक अपेक्षा करेंगे। जल्दबाजी से काम में बाधा उत्पन्न होगी। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। बनते कामों में देरी होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

????मिथुन
भूमि, भवन, दुकान, शोरूम व फैक्टरी इत्यादि की खरीद-फरोख्त हो सकती है। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

????कर्क
किसी धार्मिक स्थल की यात्रा की आयोजन हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन सहायता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति में बाधाएं दूर होंगी। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा व्यय हो सकता है।

????सिंह
जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे तथा समस्या बढ़ सकती है। विरोध होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बाहर जाने की योजना बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग कार्य में आसानी देगा। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

????‍♀️कन्या
व्यापार ठीक चलेगा। लोगों से अधिक अपेक्षा न करें। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। लापरवाही न करें। किसी व्यक्ति से व्यर्थ विवाद हो सकता है। मानसिक क्लेश होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में कमी हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। कारोबार में वृद्धि पर विचार हो सकता है। नौकरी में अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होगा। उत्साह व प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्‍य उत्तम रहेगा। शुभ समय।

????वृश्चिक
परिवार तथा मित्रों के साथ कोई मनोरंजक यात्रा का आयोजन हो सकता है। रुका हुआ पैसा मिलने का योग है। मित्रों के सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। नया कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रशंसा प्राप्त होगी। समय अनुकूल है। आलस्य त्यागकर प्रयास करें।

????धनु
पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय भावना में बहकर न करें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। आय बनी रहेगी। थकान महसूस होगी।

????मकर
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। नए मित्र बनेंगे। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बन सकती है। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शुभ समय।

????कुंभ
घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ बढ़ेगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। दूर से सुखद सूचना मिल सकती है।

????मीन
मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय बढ़ेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। बुरे लोगों से दूर रहें।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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