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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 15/10/2024, मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——— त्रयोदशी 24:18:45 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— पूoभाo 22:07:44
योग————- वृद्वि 14:12:32
करण———- कौलव 14:02:49
करण———– तैतुल 24:18:45
वार——————– मंगलवार
माह——————— आश्विन
चन्द्र राशि—- कुम्भ 16:48:12
चन्द्र राशि—————– मीन
सूर्य राशि—————– कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2080
शक संवत—————- 1946
कलि संवत—————- 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:20:29
सूर्यास्त—————17:48:49
दिन काल———— 11:28:19
रात्री काल————-12:32:14
चंद्रोदय————– 16:28:19
चंद्रास्त—————-28:46:52
लग्न—- कन्या 27°58′ , 177°58′
सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र———– पूर्वा भाद्रपदा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
सो—- पूर्वा भाद्रपदा 11:27:30
दा—- पूर्वा भाद्रपदा 16:48:12
दी—- पूर्वा भाद्रपदा 22:07:44
दू—- उत्तरा भाद्रपदा 27:26:12
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= कन्या 27°05, चित्रा 2 पो
चन्द्र=कुम्भ 23°30 , पू o भा o 2 सो
बुध =तुला 07°53′ स्वाति 1 रू
शु क्र= वृश्चिक 02°05, विशाखा’ 4 तो
मंगल=मिथुन 27°30 ‘ पुनर्वसु’ 3 हा
गुरु=वृषभ 27°30 मृगशिरा , 2 वो
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 11°30 उo भा o, 3 झ
केतु= (व)कन्या 11°30 हस्त 1 पू
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 14:57 – 16:23 अशुभ
यम घंटा 09:13 – 10:39 अशुभ
गुली काल 12:05 – 13: 31अशुभ
अभिजित 11:42 – 12:28 शुभ
दूर मुहूर्त 08:38 – 09:24 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:49 – 23:35 अशुभ
वर्ज्यम 06:27 – 07:53 अशुभ
प्रदोष 17:49 – 20:22 शुभ
????पंचक अहोरात्र अशुभ
????चोघडिया, दिन
रोग 06:20 – 07:47 अशुभ
उद्वेग 07:47 – 09:13 अशुभ
चर 09:13 – 10:39 शुभ
लाभ 10:39 – 12:05 शुभ
अमृत 12:05 – 13:31 शुभ
काल 13:31 – 14:57 अशुभ
शुभ 14:57 – 16:23 शुभ
रोग 16:23 – 17:49 अशुभ
????चोघडिया, रात
काल 17:49 – 19:23 अशुभ
लाभ 19:23 – 20:57 शुभ
उद्वेग 20:57 – 22:31 अशुभ
शुभ 22:31 – 24:05* शुभ
अमृत 24:05* – 25:39* शुभ
चर 25:39* – 27:13* शुभ
रोग 27:13* – 28:47* अशुभ
काल 28:47* – 30:21* अशुभ
????होरा, दिन
मंगल 06:20 – 07:18
सूर्य 07:18 – 08:15
शुक्र 08:15 – 09:13
बुध 09:13 – 10:10
चन्द्र 10:10 – 11:07
शनि 11:07 – 12:05
बृहस्पति 12:05 – 13:02
मंगल 13:02 – 13:59
सूर्य 13:59 – 14:57
शुक्र 14:57 – 15:54
बुध 15:54 – 16:51
चन्द्र 16:51 – 17:49
????होरा, रात
शनि 17:49 – 18:52
बृहस्पति 18:52 – 19:54
मंगल 19:54 – 20:57
सूर्य 20:57 – 21:59
शुक्र 21:59 – 23:02
बुध 23:02 – 24:05
चन्द्र 24:05* – 25:08
शनि 25:08* – 26:10
बृहस्पति 26:10* – 27:13
मंगल 27:13* – 28:16
सूर्य 28:16* – 29:18
शुक्र 29:18* – 30:21
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
कन्या > 03:8 से 05:42 तक
तुला > 05:42 से 07: 50 तक
वृश्चिक > 07:50 से 10:18 तक
धनु > 10:18 से 12:30 तक
मकर > 12:30 से 15:20 तक
कुम्भ > 15:20 से 15:46 तक
मीन > 15:46 से 17:18 तक
मेष > 17:18 से 18:42 तक
वृषभ > 18:42 से 20:50 तक
मिथुन > 20:50 से 22:58 तक
कर्क > 22:58 से 01:32 तक
सिंह > 01:32 से 03:22 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
13 + 3 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष
वृषभारूढ़ = शुभ कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*भौम प्रदोष व्रत (शिव पूजन)
*सर्वार्थ सिद्धि योग 22:06 से
???????????? शुभ विचार ????????????
अपुत्रस्य गृहं शून्यं दिशः शुन्यास्त्वबांधवाः ।
मूर्खस्य हृदयं शून्यं सर्वशून्या दरिद्रता ।।
।। चा o नी o।।
जिस व्यक्ति के पुत्र नहीं है उसका घर उजाड़ है. जिसे कोई सम्बन्धी नहीं है उसकी सभी दिशाए उजाड़ है. मुर्ख व्यक्ति का ह्रदय उजाड़ है. निर्धन व्यक्ति का सब कुछ उजाड़ है.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: विभूतियोग अo-10
अक्षराणामकारोऽस्मि द्वंद्वः सामासिकस्य च ।,
अहमेवाक्षयः कालो धाताहं विश्वतोमुखः ॥,
मैं अक्षरों में अकार हूँ और समासों में द्वंद्व नामक समास हूँ।, अक्षयकाल अर्थात् काल का भी महाकाल तथा सब ओर मुखवाला, विराट्स्वरूप, सबका धारण-पोषण करने वाला भी मैं ही हूँ॥,33॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
दूर से अच्छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
????वृष
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा।
????मिथुन
चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा।
????कर्क
बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा।
????सिंह
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा।
????♀️कन्या
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।
⚖️तुला
बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा।
????वृश्चिक
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें।
????धनु
थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।
????मकर
विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है।
????कुंभ
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें।
????मीन
वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











