
तिलकगंज के श्री 1008 श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर मंगलधाम में हाल ही में एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन हुआ। इस आयोजन में 700 श्रीफल के साथ महा अर्चना संपन्न हुई, जिसमें आर्यिका माताजी विजिज्ञासाश्री माताजी का मंगल चातुर्मास चल रहा है। यह आयोजन जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस और रक्षा बंधन के त्योहार के अवसर पर हुआ।
इस अवसर पर आर्यिका माताजी ने बताया कि रक्षाबंधन जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण घटना है, जब विष्णुकुमार मुनि ने अकम्पनाचार्य मुनि राज और अन्य 700 मुनिराजों को एक दुष्ट राजा के उपसर्ग से बचाया था। इस दिन मुनिराजों को आहार मिला और इसे देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- महा अर्चना: 700 श्रीफल के साथ संपन्न हुई।
- रक्षाबंधन: जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण घटना, जो देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के संकल्प का प्रतीक है।
- मुख्य अतिथि: आर्यिका माताजी विजिज्ञासाश्री माताजी।
- कार्यक्रम का आयोजन: श्री 1008 श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर मंगलधाम में हुआ।
इस अवसर पर कई धर्मावलंबी उपस्थित रहे, जिनमें विमल बाबूजी, अरविंद चौधरी, दिलीप शाह और नितिन जैन जैसे प्रमुख लोग शामिल थे। नरेन्द्र नायक और अशोक पिड़रुआ परिवार को माताजी की पिच्छी पर राखी बांधने का सौभाग्य मिला।¹











