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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-17/04/2026,शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष,
वैशाख
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——- अमावस्या 17:20:55 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र———— रेवती 12:01:32
योग———— वैधृति 07:20:59
योग——— विश्कुम्भ 27:44:31
करण——— चतुष्पद 06:49:10
करण———— नाग 17:20:55
करण——- किन्स्तुघ्न 27:47:28
वार———————– शुक्रवार
माह———————– वैशाख
चन्द्र राशि—— मीन 12:01:32
चन्द्र राशि——————- मेष
सूर्य राशि—————— मेष
रितु————————– वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————- पराभव
संवत्सर (उत्तर) ——————रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत ———————-1948
कलि संवत—————– 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:54:11
सूर्यास्त—————- 18:43:45
दिन काल————- 12:49:33
रात्री काल————- 11:09:26
चंद्रोदय————— 06:13:24
चंद्रास्त—————- 18:47:18
लग्न —- मेष 2°47′ , 2°47′
सूर्य नक्षत्र—————– अश्विनी
चन्द्र नक्षत्र——————–रेवती
नक्षत्र पाया————‐—— स्वर्ण
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
च—- रेवती 06:33:15
ची—- रेवती 12:01:32
चु—- अश्विनी 17:28:21
चे—- अश्विनी 22:53:53
चो—- अश्विनी 28:18:17
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मेष 02°12 , अश्वनी 1 चु
चन्द्र= कुम्भ 26°30 , रेवती 3 च
बुध = मीन 08°52 ‘ उoभाo 2 थ
शु क्र= मेष 27°05, कृतिका 1 अ
मंगल= मीन 11°03 उ oभाo 3 झ
गुरु= मिथुन 22°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 13°13 ‘ उoभा o , 3 झ
राहू=(व) कुम्भ 12°24 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 12°24 मघा 4 मे
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 10:43 – 12:19 अशुभ
यम घंटा 15:31 – 17:08 अशुभ
गुली काल 07:30 – 09:07 अशुभ
अभिजित 11:53 – 12:45 शुभ
दूर मुहूर्त 08:28 – 09:19 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:45 – 13:36 अशुभ
प्रदोष 18:44 – 20:59 शुभ
💮गंड मूल अहोरात्रअशुभ
🚩पंचक 5 05:54 – 12:02 अशुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 05:54 – 07:30 शुभ
लाभ 07:30 – 09:07 शुभ
अमृत 09:07 – 10:43 शुभ
काल 10:43 12:19 अशुभ
शुभ 12:19 13:55 शुभ
रोग 13:55 – 15:31 अशुभ
उद्वेग 15:31 – 17:08 अशुभ
चर 17:08 18:44 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 18:44 – 20:07 अशुभ
काल 20:07 21:31 अशुभ
लाभ 21:31 22:55 शुभ
उद्वेग 22:55 – 24:18* अशुभ
शुभ 24:18* -25:42* शुभ
अमृत 25:42* – 27:06* शुभ
चर 27:06* – 28:30* शुभ
रोग 28:30* – 29:53* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 05:54 -06:58
बुध 06:58 -08:02
चन्द्र 08:02 -09:07
शनि 09:07- 10:11
बृहस्पति 10:11 -11:15
मंगल 11:15 -12:19
सूर्य 12:19 -13:23
शुक्र 13:23 -14:27
बुध 14:27- 15:31
चन्द्र 15:31- 16:35
शनि 16:35- 17:40
बृहस्पति 17:40 -18:44
🚩होरा, रात
मंगल 18:44 -19:40
सूर्य 19:40 -20:35
शुक्र 20:35- 21:31
बुध 21:31- 22:27
चन्द्र 22:27- 23:23
शनि 23:23 -24:18
बृहस्पति 24:18-25:14
मंगल 25:14-26:10
सूर्य 26:10-27:06
शुक्र 27:06-28:02
बुध 28:02-28:57
चन्द्र 28:57-29:53
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
मेष > 05:58 से 07:34 तक
वृषभ > 07:34 से 09:34 तक
मिथुन > 09:34 से 12:58 तक
कर्क > 12:58 से 14:08 तक
सिंह > 14:08 से 17:14 तक
कन्या > 17:14 से 18:34 तक
तुला > 18:34 से 20:56 तक
वृश्चिक > 20:56 से 23:02 तक
धनु > 23:02 से 00:52 तक
मकर > 00:52 से 02:52 तक
कुम्भ > 02:52 से 04:24 तक
मीन > 04:32 से 06:00 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 15 + 6 + 1 = 37 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष
गौरी सान्निधौ = शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*देवपितृकार्य अमावस्या
*श्री शुकदेव जयंती
*सर्वार्थ सिद्धि योग 12:01 तक
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
त्यजेध्दर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।
त्यजेत्क्रोधमुखीं भार्यान्निः स्नेहानबंधवांस्त्यजेत् ।।
।।चाoनीo।।
जिस व्यक्ति के पास धर्म और दया नहीं है उसे दूर करो. जिस गुरु के पास अध्यात्मिक ज्ञान नहीं है उसे दूर करो. जिस पत्नी के चेहरे पर हरदम घृणा है उसे दूर करो. जिन रिश्तेदारों के पास प्रेम नहीं उन्हें दूर करो.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6
यो मां पश्यति सर्वत्र सर्वं च मयि पश्यति।
तस्याहं न प्रणश्यामि स च मे न प्रणश्यति॥
जो पुरुष सम्पूर्ण भूतों में सबके आत्मरूप मुझ वासुदेव को ही व्यापक देखता है और सम्पूर्ण भूतों को मुझ वासुदेव के अन्तर्गत (गीता अध्याय 9 श्लोक 6 में देखना चाहिए।) देखता है, उसके लिए मैं अदृश्य नहीं होता और वह मेरे लिए अदृश्य नहीं होता
॥30॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। दूर रहने वाले व्यक्तियों से संपर्क के कारण लाभ हो सकता है। नई योजनाओं का सूत्रपात होने के योग हैं। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। व्यर्थ संदेह न करें। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा।
🐂वृष
व्यवसाय ठीक चलेगा। अर्थ प्राप्ति के योग बनेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। बेचैनी रहेगी। विवादों से दूर रहना चाहिए। पिता से व्यापार में सहयोग मिल सकेगा। सरकारी मसले सुलझेंगे। सकारात्मक सोच बनेगी।
👫मिथुन
जोखिम व जमानत के कार्य टालें, बाकी सामान्य रहेगा। प्रयास अधिक करने पर भी उचित सफलता मिलने में संदेह है। कार्य में विलंब के भी योग हैं। आर्थिक हानि हो सकती है। पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण रहेगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है।
🦀कर्क
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रुके धन के लिए प्रयत्न जरूर करें। कार्य का विस्तार होगा। दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप से बचें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विलासिता के प्रति रुझान बढ़ेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। अध्यात्म में रुचि रहेगी।
🐅सिंह
संपत्ति की खरीद-फरोख्त हो सकती है। आय बढ़ेगी। मन में उत्साहपूर्ण विचारों के कारण समय सुखद व्यतीत होगा। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। अनायास धन लाभ के योग हैं। व्यापार में वांछित उन्नति होगी। बेरोजगारी दूर होगी। विवाद न करें।
🙎♀️कन्या
कार्यस्थल पर परिवर्तन लाभ में वृद्धि करेगा। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे। कष्ट होगा। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से व्यस्तता बढ़ेगी। कार्य में नवीनता के भी योग हैं। संतान के व्यवहार से समाज में सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
⚖️तुला
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। नए कार्यों से जुड़ने का योग बनेगा। पारिवारिक जीवन सुखद नहीं रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। इच्छित लाभ होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा हो सकती है।
🦂वृश्चिक
शत्रु सक्रिय रहेंगे। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें, जोखिम न लें। किसी शुभचिंतक से मेल-मुलाकात का हर्ष होगा। संतान की आजीविका संबंधी समस्या का हल निकलेगा। लापरवाही से काम न करें।
🏹धनु
किसी कार्य में प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से जुड़ने की प्रवृत्ति आपके लिए शुभ रहेगी। राज्यपक्ष से लाभ होगा। अपने काम से काम रखें। दांपत्य सुख प्राप्त होगा। बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। भागदौड़ रहेगी। आय में कमी होगी।
🐊मकर
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। आकस्मिक लाभ व निकटजनों की प्रगति से मन में प्रसन्नाता रहेगी। परिश्रम से स्वयं के कार्यों में भी शुभ परिणाम आएँगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।
🍯कुंभ
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा आदि में सफलता मिलेगी। पारिवारिक कष्ट एवं समस्याओं का अंत संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय से अधिक व्यय न करें। परोपकार में रुचि बढ़ेगी।
🐟मीन
मेहमानों का आवागमन होगा। व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। व्यर्थ समय नष्ट न करें। रुका पैसा मिलेगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599










