
बीच सड़क क्रेन लगाकर स्वागत, 4 घंटे जाम में फंसा शहर
प्रदेशाध्यक्ष के दौरे पर नियमों की अनदेखी, प्रशासन बेखबर…….
सागर। शहर के सबसे व्यस्त इलाके सिविल लाइन स्थित कालीचरण चौराहे पर बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के स्वागत के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। स्वागत के नाम पर बीच सड़क क्रेन खड़ी कर दी गई, जिससे लगभग चार घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान ऑफिस से लौटने वाले कर्मचारी, स्कूली और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं जाम में फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के सागर आगमन पर जगह-जगह कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवा मोर्चा में सक्रियता दिखाने और दावेदारी मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यकर्ताओं ने शहर के करीब 25 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया। इसी क्रम में सिविल लाइन के कालीचरण चौराहे पर जिला भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष प्रतीक चौकसे द्वारा अनोखे तरीके से स्वागत की तैयारी की गई।
कार्यक्रम के तहत एक बड़ी क्रेन मशीन को चौराहे के बीचों-बीच खड़ा कर दिया गया। योजना यह थी कि क्रेन के जरिए ऊपर से प्रदेश अध्यक्ष को फूल-मालाओं से लादकर उनका स्वागत किया जाए। लेकिन इस आयोजन ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। चौराहे पर सभी दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बंद हो गई और देखते ही देखते लंबा जाम लग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई लोग घंटों तक अपने वाहनों में फंसे रहे। ऑफिस से लौट रहे कर्मचारी समय पर घर नहीं पहुंच सके, वहीं कोचिंग क्लास के लिए जा रहे छात्र बीच रास्ते में ही अटक गए। कई एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंसने की जानकारी सामने आई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती रही।
सबसे अहम बात यह रही कि इस पूरे आयोजन के लिए न तो प्रशासन से कोई अनुमति ली गई थी और न ही ट्रैफिक पुलिस को पूर्व सूचना दी गई थी। ट्रैफिक डीएसपी मयंक चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी केवल ट्रैफिक डायवर्ट करते नजर आए, लेकिन जाम खुलवाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले में जब भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं। इस बयान ने प्रशासनिक समन्वय और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उधर, इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि एक नेता के स्वागत के नाम पर आम जनता को परेशान करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि सड़क जाम कर स्वागत करना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह जनता के अधिकारों का भी हनन है।
गौरतलब है कि नियमों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक सड़क पर स्वागत कार्यक्रम, रैली या जुलूस आयोजित करने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। लेकिन सागर में हुए इस आयोजन में इन सभी नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।
घटना के बाद शहरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के नाम पर आम जनता को इस तरह परेशान करना उचित नहीं है। अब सवाल यह उठ रहा है कि बिना अनुमति के इस तरह सड़क जाम करने वालों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।











