
CCTV की सतर्क निगाहों ने लौटाया लाखों का खोया बैग, 3 घंटे की मशक्कत के बाद सागर पुलिस को मिली सफलता
सागर। सागर पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का गुम हुआ बैग सुरक्षित वापस मिल गया। पुलिस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी टीम ने करीब तीन घंटे तक लगातार फुटेज खंगालकर ऑटो चालक तक पहुंच बनाई और बैग में रखे सोने के आभूषण व नकदी सहित पूरी सामग्री महिला को वापस दिलाई।
जानकारी के अनुसार, रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी अपने परिवार के साथ सागर बस स्टैंड जाने के लिए परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक ऑटो में बैठी थीं। इस दौरान उन्होंने अपना पर्स ऑटो में रख दिया था, जिसमें लगभग 54 हजार रुपये की सोने की अंगूठी, 46 हजार रुपये के सोने के कान के आभूषण तथा 4 हजार रुपये नकद रखे थे। जल्दबाजी में परिवार बस स्टैंड की ओर पैदल निकल गया और पर्स ऑटो में ही छूट गया।
कुछ समय बाद पर्स गुम होने का पता चलने पर महिला ने पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही मामला पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा, जहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में सीसीटीवी टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश ने शहरभर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया। लगातार तीन घंटे की मेहनत के बाद ऑटो की पहचान तो हो गई, लेकिन उसका पूरा नंबर स्पष्ट नहीं दिख रहा था। इसके बावजूद टीम ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और स्मार्ट सिटी कैमरों की मदद से जांच जारी रखी।
जब वाहन का पूरा नंबर पता नहीं चल सका तो पुलिस ने ऑटो की तस्वीर और विवरण विभिन्न पुलिस ग्रुप, मीडिया ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और सूचना संबंधित ऑटो चालक तक पहुंच गई।
रात करीब 12 बजे ऑटो चालक स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा और ऑटो में छूटा हुआ बैग पुलिस को सौंप दिया। जांच में बैग के भीतर रखे सभी सोने के आभूषण और नकदी सुरक्षित मिली, जिसे विधिवत महिला को वापस कर दिया गया।
अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस तथा सीसीटीवी टीम का आभार व्यक्त किया। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।
सराहनीय भूमिका
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा
उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम
आरक्षक रूद्रेश
आरक्षक नितेश
इन अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता एवं तकनीकी दक्षता के चलते लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति सुरक्षित बरामद कर उसकी वास्तविक स्वामिनी को लौटाई जा सकी।











