अग्रणी कॉलेज में 20 दिवसीय योग शिविर का शंखनाद; मंत्रोच्चार के बीच सीखे प्राणायाम और आसन, 21 जून को मनेगा भव्य योग दिवस

अग्रणी कॉलेज में 20 दिवसीय योग शिविर का शंखनाद; मंत्रोच्चार के बीच सीखे प्राणायाम और आसन, 21 जून को मनेगा भव्य योग दिवस

प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता व पतंजलि के राज्य प्रभारी योगाचार्य भगत सिंह ने किया शुभारंभ; विद्यार्थियों को कराया आयुष मंत्रालय के 56 मिनट के प्रोटोकॉल का अभ्यास*
सागर/ आगामी विश्व योग दिवस (21 जून 2026) की पूर्व तैयारियों के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर के तत्वावधान में 20 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। कॉलेज परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता एवं पतंजलि योग समिति (मध्य प्रदेश पूर्व) के राज्य प्रभारी योगाचार्य भगत सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इस विशेष शिविर की शुरुआत की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग महज एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन प्रबंधन की एक संपूर्ण वैज्ञानिक पद्धति है। आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी युग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, मानसिक एकाग्रता, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच के निर्माण में योग की भूमिका संजीवनी की तरह है। उन्होंने बताया कि इस 20 दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य योग को छात्र-छात्राओं की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना है। शिविर में पंजीकृत विद्यार्थियों की रोजाना उपस्थिति दर्ज की जाएगी और प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को कॉलेज की ओर से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य प्रशिक्षक योगाचार्य भगत सिंह ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक योगाभ्यास कराते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा में अद्भुत समन्वय स्थापित करती है। इसके नियमित अभ्यास से युवाओं की स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। शिविर के पहले दिन उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित 56 मिनट के योग प्रोटोकॉल के तहत सूक्ष्म व्यायाम, ग्रीवा-स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, भुजंगासन और सेतुबंधासन सहित विभिन्न कठिन आसनों का अभ्यास कराया। साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराते हुए उनके वैज्ञानिक लाभ भी समझाए।
इस गरिमामयी आयोजन में प्रमुख रूप से डॉ. प्रतिभा जैन, डॉ. अभिलाष जैन, सुरेंद्र यादव, महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी वंदना कटारे, सृष्टि बोहरे, सौरभ लोधी, चेतराम लोधी, हर्षित पटेल, रिचा लोधी, खुशी लोधी सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आगामी 21 जून को विश्व योग दिवस जनभागीदारी के साथ बेहद भव्य स्वरूप में मनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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