
सुरक्षित मातृत्व अभियान के विशेष शिविर में 150 गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ
व्यापक स्वास्थ्य जांच के साथ उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिया परामर्श
सागर, 9 जून 2026। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) एवं संबद्ध चिकित्सालय सागर में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना रहा।
शिविर का आयोजन बीएमसी के सुपरिटेंडेंट डॉ. राजेश जैन एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 150 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिलाओं की सामान्य एवं विशेष स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र परीक्षण सहित अन्य आवश्यक जांचें की गईं।
शिविर में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं (एचआरपी) की पहचान कर संबंधित महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. सिफ्टी कौर और डॉ. प्रियंका पटेल ने गर्भवती महिलाओं का परीक्षण कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह दी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार शिविर के सफल संचालन में विभागाध्यक्ष एवं विभागीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा।
बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बीएमसी सागर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे विशेष शिविरों के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है।
कॉलेज प्रशासन ने सभी गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।











