
बच्चों का बेहतर पोषण ही सशक्त भारत की आधारशिला: सविता सिंह राजपूत
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत जैसीनगर में आयोजित कुकिंग प्रतियोगिता में महिलाओं ने प्रस्तुत किए पौष्टिक व्यंजन
जैसीनगर,सागर,दिनांक 20 जून 2026। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत जैसीनगर में आयोजित कुकिंग प्रतियोगिता में महिलाओं ने अपने उत्कृष्ट पाक-कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने प्रतियोगिता में तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों का अवलोकन किया तथा प्रतिभागी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर सविता सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण को मजबूत बनाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
स्वस्थ और पोषित बच्चे ही विकसित भारत का भविष्य
सविता राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर निर्भर करती है। विद्यालयों में मिलने वाला संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन बच्चों को कुपोषण से बचाने के साथ-साथ उनकी सीखने की क्षमता को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना केवल एक योजना नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
महिला रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण
सविता सिंह राजपूत ने कहा कि विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाली महिला रसोइयां बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उनके द्वारा तैयार किया गया भोजन हजारों बच्चों के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि कुकिंग प्रतियोगिता जैसे आयोजनों से महिलाओं को अपने अनुभव साझा करने, नए व्यंजन सीखने और भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने का अवसर मिलता है।
स्थानीय खाद्य सामग्री से पोषण को मिल रही मजबूती
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दालों, हरी सब्जियों एवं मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन मिलता है, वहीं स्थानीय किसानों और उत्पादकों को भी लाभ पहुंचता है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजनों को विद्यालयी भोजन में शामिल करने के लिए निरंतर नवाचार करती रहें।
स्वाद, स्वच्छता और पोषण के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता में महिला रसोइयों ने बाजरा खिचड़ी, दाल-चावल, पौष्टिक पुलाव, हरी सब्जियों से बने व्यंजन, दलहन आधारित खाद्य पदार्थ तथा अन्य स्थानीय व्यंजन प्रस्तुत किए। व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण मूल्य, स्वाद, स्वच्छता, प्रस्तुतीकरण तथा स्थानीय सामग्री के उपयोग जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को संतुलित एवं पोषणयुक्त भोजन तैयार करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
जनसेवा और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं गोविंद सिंह राजपूत
सविता राजपूत ने कहा कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा सुरखी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई एवं जनकल्याण से जुड़े अनेक विकास कार्य निरंतर कराए जा रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वे लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सविता सिंह राजपूत ने सभी प्रतिभागी महिला रसोइयों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।











