
शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में ‘ई-ग्रंथालय’ पर राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
सागर/ शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के कुशल निर्देशन में “ई-ग्रंथालय पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश भर के ग्रंथपालों, शोधार्थियों और पुस्तकालय कर्मियों को डिजिटल सॉफ्टवेयर के विभिन्न मॉड्यूल्स का व्यावहारिक व तकनीकी प्रशिक्षण देना था।
तकनीकी युग में डिजिटल लाइब्रेरी की महत्ता:
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जितेन्द्र पाराशर (संयुक्त निदेशक आईटी व साइंटिस्ट-डी, एनआईसी, भोपाल) ने आधुनिक पुस्तकालयों के सुचारू संचालन, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित सेवाओं के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। तकनीकी सत्रों में एनआईसी भोपाल के मोहन लाल, एनआईसी नई दिल्ली की सुश्री निधि सिंह, आकाश कुर्मी (दमोह) और संतोष कुमार कोरी (सागर) ने प्रतिभागियों को सॉफ्टवेयर की व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया।
पुस्तकालय पेशेवरों की दक्षता संवर्धन पर जोर:
इस राष्ट्रीय आयोजन में विभिन्न राज्यों के सैकड़ों पुस्तकालय पेशेवरों व छात्रों ने सहभागिता कर डिजिटल सेवाओं की नवीन तकनीकों को सीखा। आयोजन सचिव व ग्रंथपाल संतोष कुमार सेन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पेशेवरों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी सहित आयोजन व तकनीकी समिति के सदस्यों डॉ. अभिलाषा जैन, डॉ. राणा कुंजर सिंह, डॉ. देवेन्द्र सिंह, डॉ. अनुरोध चढ़ार, डॉ. प्रकाश कुशवाहा, प्रमोद रजक व जीतू चौरसिया का उल्लेखनीय योगदान रहा। यह आयोजन पुस्तकालय स्वचालन की दिशा में एक बड़ी सफलता सिद्ध हुआ।











