लोकतंत्र को बचाने का रास्ता गांधी के विचारों से होकर जाता है: रघु ठाकुर

लोकतंत्र को बचाने का रास्ता गांधी के विचारों से होकर जाता है: रघु ठाकुर
‘लोकतंत्र में भारत का भविष्य’ विषय पर व्याख्यान में अनुराधा शंकर ने कहा— सवाल पूछना ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
सागर। ठाकुर विश्वनाथ सिंह ‘बाबू भाई’ की पुण्य स्मृति में रविवार को होटल वरदान, सागर में “लोकतंत्र में भारत का भविष्य” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्रीमती अनुराधा शंकर और अध्यक्ष वरिष्ठ समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने डॉ. हरिसिंह गौर एवं ठाकुर विश्वनाथ सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
तुलसी स्मृति न्यास की ओर से अतिथियों का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अनुराधा शंकर का स्वागत सुश्री शिवा श्रीवास्तव तथा रघु ठाकुर का स्वागत रामकुमार पचौरी ने किया।
मुख्य वक्ता अनुराधा शंकर ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता उसकी विविधता और स्वीकार्यता है। भारत में जाति, भाषा, धर्म और संस्कृति की विविधता लोकतंत्र को समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि प्रश्न पूछना ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। आजादी के बाद महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण सहित अनेक महापुरुषों ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए। उन्होंने युवाओं से भारत के इतिहास और महान सभ्यता का अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में और उसका मार्गदर्शन बुजुर्गों के अनुभवों में निहित है।
इस अवसर पर तुलसी स्मृति न्यास ने समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती रीमा गोस्वामी तथा बुंदेलखंड के इतिहास के संरक्षण में योगदान के लिए श्रीमती सफिया खान को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रघु ठाकुर ने कहा कि देश में संसदीय लोकतंत्र तो है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवहार दोनों आवश्यक हैं। आज लोकतंत्र में असमानता बढ़ रही है और चुनाव लड़ने की समानता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे जाति, धर्म या सरकारी सुविधाओं के आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखकर मतदान करें।
रघु ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र को बाहरी ताकतें नहीं, बल्कि भारत के नागरिक ही बचा सकते हैं। लोकतंत्र का अर्थ समानता और समता है तथा गांधी के विचारों के मार्ग पर चलकर ही इसे मजबूत बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बद्री प्रसाद ने किया तथा आभार रामकुमार पचौरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद पंडित सुखदेव प्रसाद तिवारी, लक्ष्मीनारायण यादव सहित सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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