
अग्रणी कॉलेज में पीएम-उषा योजनांतर्गत रोजगार मूलक कौशल प्रशिक्षण कार्यशालाओं का भव्य समापन, मेधावियों को मिले प्रमाण-पत्र व प्रोत्साहन राशि
डिग्रियों तक सीमित न रहकर आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक हुनर से अपने ज्ञान को लगातार निखारें – डॉ सरोज गुप्ता
निरंतर सीखने की ललक ही युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाती है – निधि जैन
व्यावहारिक कौशल स्वर्णिम भविष्य की नींव का मजबूत आधार – प्रो पित्रे
सागर/ शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत सॉफ्ट कंपोनेंट (स्किल) तृतीय चरण के तहत संचालित विभिन्न रोजगार मूलक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का गरिमामय माहौल में समापन हुआ। प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि दैनिक आचरण समूह की प्रबंध संपादक व समाजसेवी श्रीमती निधि जैन एवं अध्यक्ष डॉ. हरिसिंह गौर विवि रसायन शास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. के.एस. पित्रे रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में युवा उद्यमी ऋतु सिंह, एमएमआरसी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी, डेटा एक्सपर्ट रेशु जैन भसीन, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मोनिका हार्डीकर व कवयित्री संध्या सरवटे मंचासीन रहीं।
अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके पश्चात प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता, प्रो. प्रतिभा जैन, डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. संदीप सबलोक एवं डॉ. दयाराम सिंह राजपूत ने अतिथियों व प्रशिक्षकों का आत्मीय स्वागत किया।
डिग्रियों तक सीमित न रहकर आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक हुनर से अपने ज्ञान को लगातार निखारें – डॉ सरोज गुप्ता
स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि “पीएम-उषा परियोजना के अंतर्गत संचालित यह कौशल विकास प्रशिक्षण विद्यार्थियों को स्वावलंबी, दक्ष और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी व मील का पत्थर कदम है।” उन्होंने सभी रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की महत्ता रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल डिग्रियों तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक हुनर को अपनाकर अपने ज्ञान को लगातार निखारें। उन्होंने मल्टीमीडिया के उत्कृष्ट प्रशिक्षणर्थियों को अपने स्वयं की निधि से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा करते हुए आश्वस्त किया कि महाविद्यालय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए ऐसे नवाचार आधारित मंच निरंतर प्रदान करता रहेगा।
निरंतर सीखने की ललक ही युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाती है – निधि जैन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं दैनिक आचरण समूह की प्रबंध संपादक श्रीमती निधि जैन ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि “निरंतर सीखने की ललक ही युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाती है।” उन्होंने कौशल विकास की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक और हुनर को अपनाकर मीडिया व पत्रकारिता जैसे सशक्त क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरीसिंह गौर विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. के.एस. पित्रे ने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल ही स्वर्णिम भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने ऐसे रोजगारपरक प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया ताकि युवा हुनरमंद बनकर सीधे रोजगार से जुड़ सकें और अंचल का नाम गौरवान्वित करें।
एमएमआरसी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी ने वीडियो एडिटिंग के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के आधुनिक संसाधनों से उन्नत प्रशिक्षण देने का आमंत्रण दिया। वहीं, डेटा एनालिस्ट रेशु जैन भसीन ने डिजिटल युग में वेब डेवलपमेंट की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया तथा डॉ. मोनिका हार्डीकर ने कौशल से आत्मविश्वास बढ़ने की बात कही।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नीलम सिंह व डॉ. संदीप सबलोक ने संयुक्त रूप से किया तथा अंत में मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र व प्रोत्साहन राशि
समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता द्वारा अपनी स्वयं की ओर से वीडियो एडिटिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अंकित अहिरवार तथा सभी 15 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रशिक्षणार्थियों ने मंच के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन किया जिस पर सभागार में तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट के साथ उन्हें सराहना मिली तथा अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण प्राप्त छात्रा विकिता ने अपने अनुभव साझा करते हुए 15 दिवसीय वीडियो एडिटिंग प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया।
191 विद्यार्थियों ने हासिल किया व्यावहारिक प्रशिक्षण
पीएम-उषा परियोजना प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी व संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यशालाओं में आशीष विश्वकर्मा द्वारा वेब डेवलपमेंट में 40, शाश्वत दुबे द्वारा वीडियो एडिटिंग व फोटोग्राफी में 40, यश कोष्टी द्वारा मोबाइल रिपेयरिंग में 34, सुश्री सलमा खान द्वारा राखी निर्माण व ब्यूटीशियन में 40 तथा श्रद्धा साहू व मेघा भोजक द्वारा आत्मरक्षा में 37 विद्यार्थियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रतिभा जैन, डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉ. दयाराम सिंह राजपूत, प्रमोद सेन, राकेश कुमार सैनी, डॉ. शिखा चौबे, रश्मि दुबे, भानुप्रिया पटेल सहित समस्त प्राध्यापक, प्रशिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











