विश्वविद्यालय: वनस्पति विभाग में प्रो. एस. बी. सक्सेना जयंती मनाई गई

विश्वविद्यालय: वनस्पति विभाग में प्रो. एस. बी. सक्सेना जयंती मनाई गई

विभाग में व्याख्यान एवं पौधारोपण का हुआ आयोजन

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के वनस्पति विज्ञान विभाग ने प्रो. एस.बी. सक्सेना की विरासत और उनकी 109वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक इंटरैक्टिव ‘माइकोटॉक’ व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम के संरक्षक कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर थे। संयोजक प्रो. दीपक व्यास और प्रो. नवीन कांगो थे। सह-संयोजक डॉ. अमित कुमार थे और आयोजन सचिव डॉ. पूनम देहरिया थीं। प्रो. श्वेता यादव और प्रो. अजीत जायसवाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के इस अवसर पर बॉटनिकल सोसाइटी के जर्नल के नए संस्करण और पुस्तकों का विमोचन किया गया। प्रो. व्यास द्वारा स्वागत और परिचय दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुआ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने विश्वविद्यालय और देश के विकास के लिए विज्ञान और अनुसंधान के महत्व पर संदेश दिया।
प्रो. व्यास ने “जर्नी विद सक्सेनिया” विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने प्रो. सक्सेना की उपलब्धियों के बारे में बात की, जिसमें 1953 में मिट्टी से एक नए फंगल जीनस ‘सक्सेनिया’ की खोज और मनुष्यों व पर्यावरण के लिए इसके अनेक उपयोग शामिल थे।
प्रो. नवीन कानगो ने “फंगल एंजाइमों का उपयोग करके प्रीबायोटिक ओलिगोसेकेराइड्स का उत्पादन और लक्षण-वर्णन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने पर्यावरण और औद्योगिक अनुप्रयोगों में कवक (फंगी) के महत्व को समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रीबायोटिक ओलिगोसेकेराइड्स, जैसे फ्रुक्टो-ओलिगोसेकेराइड्स, पर्यावरण के अनुकूल बायो-कैटेलिटिक संश्लेषण के साथ फंगल एंजाइमों का उपयोग करके बनाए जाते हैं। वे कई पौधों के कचरे को कम लागत वाली शर्करा या पेट के लिए फायदेमंद प्रीबायोटिक्स में बदल सकते हैं। इसके बाद, माइकोलॉजी (कवक विज्ञान) विषय पर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें रिसर्च स्कॉलर्स और पीजी छात्रों ने भाग लिया और क्रमशः अपनी मौखिक प्रस्तुतियाँ और पोस्टर प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस और पृथ्वी दिवस समारोह के विजेता छात्रों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह दिए गए। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें वनस्पति विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभागों के विभिन्न फैकल्टी सदस्य, पोस्ट-ग्रेजुएट और रिसर्च छात्र शामिल थे।
कार्यक्रम में कुलपति एवं विभागीय शिक्षकों द्वारा विभाग के बॉटनिकल गार्डन में पौधा रोपण किया गया।

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