अवैध शराब प्रकरण पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की सख्त समीक्षालापरवाही बरतने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर रहे पूरे मामले की मॉनिटरिंग


सागर, 06 सितंबर 2026। बंडा क्षेत्र में अवैध एवं जहरीली शराब के सेवन से प्रभावित मरीजों के उपचार और मामले में पुलिस-प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के कॉन्फ्रेंस हॉल में विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के उपचार, अवैध शराब के स्रोत तथा पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। सभी शराब दुकानों की जांच करने, स्टॉक की नियमित निगरानी करने और अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री से जुड़े नेटवर्क की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पूरे प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में और अधिक कसावट लाने तथा नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
109 मरीजों का चल रहा उपचार
समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने उपचाररत मरीजों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 109 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इनमें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 मरीज आईसीयू में हैं। जिला चिकित्सालय में 17 तथा बंडा सिविल हॉस्पिटल में 7 मरीज उपचाररत हैं। वहीं एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।
कलेक्टर ने बताया कि अधिकांश मरीजों की स्थिति अब स्थिर है। मरीजों को आवश्यक दवाएं, जांच एवं डायलिसिस सहित सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेथेनॉल मिलावट की बात सामने आई
अधिकारियों के अनुसार जहरीली शराब के स्रोत की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शराब बाहर से बनकर सप्लाई की गई थी तथा उसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा इसके पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
20 आरोपियों पर नामजद प्रकरण, 10 अभिरक्षा में
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि मामले में थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत 20 नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। आरोपियों पर संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े होने के आरोप हैं।
इसके अलावा थाना विनायका में भी 10 आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अब तक 20 नामजद आरोपियों में से 10 आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि अवैध शराब के स्रोत तक पहुंचने और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।
जनप्रतिनिधियों ने उठाया जवाबदेही का मुद्दा
समीक्षा बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की उदासीनता अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की।
बीएमसी के डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि मरीजों का उपचार उनकी स्थिति एवं लक्षणों की गंभीरता के अनुसार किया जा रहा है। प्रभावित मरीजों के अस्पताल पहुंचने की दर में कमी आई है, जबकि गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।
बैठक में सागर विधायक  शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक  वीरेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष शहीरा सिंह राजपूत, श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, कमिश्नर  अनिल सुचारी, उप पुलिस महानिरीक्षक  एस.एस. चौहान, कलेक्टर  प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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