
21.11 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मिलेगी सौगात — अविराज सिंह
खुरई। खुरई में 12 सितंबर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। दोपहर 12 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भवन, नवीन नगर पालिका भवन एवं संत रविदास पार्क के पास, सागर रोड पर आयोजित समारोह में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
युवा नेता अविराज सिंह ने बताया कि समारोह के दौरान नगर पालिका परिषद खुरई द्वारा 21.11 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े तथा पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह की भी उपस्थिति रहेगी।
अविराज सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र प्रथम, जनसेवा और राष्ट्रीय एकता की भावना के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के लिए समर्पित किया। जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था के विरोध में बिना परमिट वहां जाने और गिरफ्तारी के बाद हिरासत में उनके निधन को उन्होंने भारतीय राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का विचार केवल राजनीतिक व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक मजबूत, आत्मनिर्भर और अखंड भारत की कल्पना रखते थे। भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत आधार मिला।
अविराज सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय एकता के लिए उठाई गई आवाज आगे चलकर एक व्यापक विचारधारा बनी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के निर्णय को डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रीय एकता के संकल्प से जोड़कर देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि खुरई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रसेवा से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 12 सितंबर को आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने का आह्वान किया।
अविराज सिंह ने कहा कि समारोह में प्रतिमा अनावरण के साथ खुरई नगर के विकास से जुड़े करोड़ों रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी होगा। इससे खुरई के नगरीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।











