
पूर्ण आरओबी पर अप्रोच रोड और पहुंच मार्ग का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश
सागर, 28 सितंबर 2026। सागर संभाग के कमिश्नर दिलीप कुमार ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, राष्ट्रीय राजमार्ग, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम और सेतु निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास पी.सी. शर्मा सहित संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया लंबित है, उसे शीघ्र पूरा कर अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका हैंडओवर संबंधित विभागों को जल्द कराया जाए, ताकि इन भवनों का उपयोग शुरू हो सके।
कमिश्नर ने विशेष रूप से पूर्ण हो चुके रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर अप्रोच रोड एवं पहुंच मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और आमजन को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिले। खुरई मार्ग एवं लेहरदा आरओबी के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
पन्ना घाट रोड पर पैचवर्क तत्काल शुरू करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पन्ना घाट रोड पर पैचवर्क का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही भू-अर्जन से जुड़े आपसी सहमति वाले प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और कार्यों की प्रगति की लगातार निगरानी की जाए।
सांदीपनि विद्यालय और पटवारी ट्रेनिंग सेंटर की भी समीक्षा
कमिश्नर ने सांदीपनि विद्यालयों के भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण की गति बढ़ाने और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जैसीनगर स्थित पटवारी ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण जल्द पूरा कर हैंडओवर की कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से करें
बैठक में कमिश्नर ने सभी विभाग प्रमुखों को सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संतुष्टिपूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की पेंडेंसी खत्म करने के लिए अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा करें और लंबित मामलों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें।







