
विशिष्ट श्रेणी में हुआ चयन, ₹50 हजार की पुरस्कार राशि और प्रमाण-पत्र से होंगी सम्मानित; सागर पुलिस और सागर जोन का बढ़ा गौरव
सागर, 2 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार (वर्ष 2024-25) के लिए सागर की उप निरीक्षक श्रीमती कल्पना गुप्ता का चयन ‘विशिष्ट श्रेणी’ में किया गया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें ₹50,000 की पुरस्कार राशि एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
उप निरीक्षक कल्पना गुप्ता वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, सागर जोन के साइबर सेल में पदस्थ हैं। साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप और तकनीकी रूप से जटिल होती जांच के बीच उन्होंने अपनी तकनीकी दक्षता, विश्लेषणात्मक क्षमता, सूझबूझ और त्वरित कार्यशैली के माध्यम से साइबर अपराधों की जांच एवं नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
तकनीकी दक्षता से सुलझाईं साइबर अपराधों की चुनौतियां
डिजिटल दौर में साइबर अपराध पुलिस के सामने लगातार नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं। ऐसे में तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, डिजिटल माध्यमों से प्राप्त जानकारी का अध्ययन और अपराध की कड़ियों को जोड़ना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उप निरीक्षक कल्पना गुप्ता ने इसी क्षेत्र में अपनी कार्यकुशलता और पेशेवर प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
साइबर अपराधों की रोकथाम और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए राज्यस्तरीय प्रतिष्ठित पुरस्कार की विशिष्ट श्रेणी में चयन होना उनके कार्य की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
सागर पुलिस और सागर जोन का बढ़ा गौरव
कल्पना गुप्ता की इस उपलब्धि से सागर पुलिस एवं सागर जोन का गौरव बढ़ा है। उनका चयन पुलिस विभाग में निष्ठा, तकनीकी दक्षता और समर्पण के साथ दायित्वों के निर्वहन की प्रेरणादायक मिसाल है।
सागर जोन एवं जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा साथी पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी इसी समर्पण और कार्यकुशलता के साथ पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला यह सम्मान सागर पुलिस की तकनीकी क्षमता और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई पहचान देता है।







