
POCSO और JJ Act के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
सागर। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाली हिंसा और अपराधों की रोकथाम तथा संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत सभागार, सागर में एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में पुलिस विभाग एवं युवा विकास मंडल (एनजीओ), सागर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, शिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों की संवेदनशीलता, प्रभावी विवेचना, पीड़ितों के पुनर्वास, शिक्षा, चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य तथा विधिक प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
POCSO मामलों की विवेचना पर विशेष जोर
उद्घाटन एवं प्रारंभिक सत्र में किशोर न्याय बोर्ड की पीठासीन अधिकारी वीणा अग्निहोत्री एवं उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा प्रतिमा जैन ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों की संवेदनशीलता, पुलिस की भूमिका तथा विवेचना प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश कुमार गोमे (AS) ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
विधिक एवं विवेचनात्मक प्रशिक्षण सत्र में जिला अभियोजन कार्यालय सागर की एडीपीओ रिपा जैन ने POCSO Act से जुड़े मामलों की विवेचना में आवश्यक साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने DNA परीक्षण, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), पीड़िता की जन्मतिथि एवं आयु संबंधी दस्तावेजों सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों के विधिक संकलन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
बाल अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रशिक्षण
जिला बाल कल्याण समिति (CWC) की अध्यक्ष किरण शर्मा ने CWC की भूमिका, बच्चों के अधिकार, संबंधित कानूनों तथा पीड़ित बालक-बालिकाओं के लिए सपोर्ट पर्सन की नियुक्ति की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
युवा विकास मंडल के संचालक राजेंद्र सिंह मेवाड़ा ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की।
जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सरोज भूरिया ने महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित मामलों में चिकित्सकीय पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं किशोर परामर्शदाता डॉ. सोनम चौबे ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार संबंधी पहलुओं और प्रभावी काउंसलिंग की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन दिया।
करीब 100 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में सागर जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ बाल कल्याण अधिकारी, ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क प्रभारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक के साथ विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य एवं शिक्षक, चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधि, CWC एवं JJ Board के परिवीक्षा अधिकारी, महिला सुरक्षा शाखा, JAB शाखा तथा युवा विकास मंडल एनजीओ के प्रतिनिधियों सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित एवं संवेदनशील सहायता तथा संबंधित मामलों में विधिक, चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा प्रतिमा जैन, प्रधान आरक्षक यासीन खान, युवा विकास मंडल की समन्वयक प्रमिला मौर्य सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों एवं स्टाफ का विशेष योगदान रहा।








