100 दिन से लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, आयोगों के पत्रों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करने को कहा
सागर, 12 अक्टूबर 2026।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों, लंबित प्रकरणों और शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनविश्वास अभियान के शिविरों की निर्धारित तिथियों से पहले सभी लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी शिविर से पहले शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, स्वास्थ्य, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, नागरिक आपूर्ति, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
तीन दिन में ई-केवाईसी पूरी करने के निर्देश
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और लाड़ली बहना योजना से संबंधित शत-प्रतिशत प्रकरणों में आगामी तीन दिनों के भीतर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों से संबंधित कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
100 दिन से लंबित भू-अर्जन प्रकरणों पर होगी कार्रवाई
बैठक में 100 दिनों से लंबित भू-अर्जन संबंधी शिकायतों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के संबंधित एसडीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मालथौन, बंडा, बीना, खुरई और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों के भू-अर्जन प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संबंधित लंबित स्वास्थ्य प्रकरणों में उच्च स्तर पर लगातार फॉलो-अप लेकर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मांग आधारित शिकायतों पर स्पष्ट प्रतिवेदन जरूरी
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मांग आधारित शिकायतों को केवल मांग का उल्लेख करके बंद नहीं किया जाए। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, ताकि शिकायत के निराकरण की स्थिति सामने आ सके।
उन्होंने विभिन्न आयोगों से प्राप्त पिछले तीन महीनों से लंबित पत्रों और प्रकरणों पर चिंता जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) अपलोड कर प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करें।
विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर ने अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और सहमति के अभाव में लंबित विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर परियोजनाओं को अंतिम रूप देने और कार्यों को बिना अनावश्यक देरी के पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी, समस्त एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







