13 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे संपन्न हुई समाधि, 14 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे नमक मंडी से मंगलगिरी के लिए प्रस्थान करेगी डोला यात्रा
सागर। जैन समाज के लिए अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक क्षणों के बीच क्षपकराज सुआत्म सागर जी महाराज की संल्लेखना समाधि मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शाम 5:30 बजे संपन्न हुई। महाराज जी की डोला यात्रा बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे नमक मंडी से मंगलगिरी के लिए प्रस्थान करेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ललितपुर जिले के मड़ावरा निवासी नंदकिशोर जी (वंदन), जिनकी आयु 100 वर्ष थी, अस्वस्थ होने पर परिजनों द्वारा सागर स्थित भाग्योदय लाया गया था। इस दौरान उनकी प्रतिमाधारी पौत्री कल्पना पारगुवां ने इस अवस्था में छेदन-भेदन नहीं कराने की बात कही। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की कि नगर में विराजमान आचार्य श्री के चरणों में जाना है। नंदकिशोर जी, उनके परिजनों एवं रिश्तेदारों की सहमति से 3 अक्टूबर को संल्लेखना की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
आचार्य संघ के सानिध्य में हुई धार्मिक प्रक्रिया
संल्लेखना के दौरान आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज ससंघ ने कई बार धर्मोपदेश एवं संबोधन दिया। वहीं, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य नगर गौरव शाश्वत सागर जी महाराज ने विधि-विधान एवं धार्मिक प्रक्रिया के साथ संल्लेखना की संपूर्ण अवधि में मार्गदर्शन किया। इस दौरान क्रमशः 10 प्रतिमाएं प्रदान की गईं तथा क्षुल्लक दीक्षा देकर उनका नामकरण सुआत्म सागर जी महाराज किया गया।
दस दिनों तक चली इस धार्मिक प्रक्रिया के दौरान परिजन, रिश्तेदार और समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने सेवा, धार्मिक अनुष्ठानों एवं धर्मोपदेश में सहभागिता की।
धार्मिक परंपरा से जुड़ा है परिवार
सुआत्म सागर जी महाराज का परिवार लंबे समय से जैन धर्म की साधना एवं धर्म प्रभावना से जुड़ा रहा है। इसी परिवार से आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज से दीक्षित क्षुल्लक श्री विश्व भूषण सागर जी महाराज की समाधि भी हो चुकी है। परिवार की विभूषणा श्री माताजी भी धर्म प्रभावना कर रही हैं। वहीं, पंडित राकेश रत्नाकर इसी परिवार से हैं, जो धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं।
वर्तमान में सोंरई, मड़ावरा, सागर, इंदौर, नांदेड़ और नासिक सहित विभिन्न स्थानों पर महाराज जी के गृहस्थ जीवन के भाई, भतीजे, पुत्री एवं दामाद निवासरत हैं।
इस संबंध में समस्त जानकारी सुआत्म सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के भतीजे आलोक जैन (AIR Adv.) ने प्रदान की।
कल निकलेगी डोला यात्रा
महाराज जी की संल्लेखना समाधि संपन्न होने के बाद अब बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे नमक मंडी से मंगलगिरी के लिए डोला यात्रा प्रस्थान करेगी। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालु धार्मिक भावनाओं के साथ सम्मिलित होंगे।







