प्रथम चरण में 40 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित, लालबाग पैलेस सहित चार ऐतिहासिक धरोहरों को एकीकृत विकास योजना में शामिल करने के निर्देश
इंदौर/सागर, 18 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में लालबाग पैलेस के समीप निर्माणाधीन लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर स्मारक के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्मारक को आकर्षक स्वरूप देने के निर्देश दिए। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस स्मारक के प्रथम चरण में करीब 40 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लालबाग पैलेस, रामपुर कोठी, चंपा बावड़ी और शिव मंदिर को एकीकृत विकास योजना में शामिल किया जाए, जिससे पर्यटक इन सभी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का एक साथ भ्रमण कर सकें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
रामपुर कोठी के मूल स्थापत्य स्वरूप को सुरक्षित रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक रामपुर कोठी में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का भी अवलोकन किया। भवन की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने के लिए पारंपरिक चूना तकनीक से बाहरी दीवारों का संरक्षण और छतों पर वॉटरप्रूफिंग का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीर्णोद्धार के दौरान भवन के मूल स्थापत्य स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, आवश्यक आधुनिक सुविधाओं का विकास भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट देने और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डिजिटल तकनीक और लाइट एंड साउंड शो होंगे प्रमुख आकर्षण
पुराने आरटीओ भवन एवं रामपुर कोठी की भूमि पर विकसित किए जा रहे इस स्मारक का उद्देश्य लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, न्यायप्रियता, सुशासन, जनसेवा और सांस्कृतिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
स्मारक में आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनके जीवन और कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल प्रस्तुतियां, 3डी प्रोजेक्शन, चित्र एवं म्यूरल्स, लाइट एंड साउंड शो और संग्रहालय विकसित करने की योजना है।
इन व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को लोकमाता अहिल्याबाई के जनकल्याणकारी कार्यों, न्यायपूर्ण प्रशासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
पर्यटकों की सुविधा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने प्रवेश मार्ग और परिसर की रूपरेखा पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मारक से जुड़े सभी ऐतिहासिक स्थलों के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि यह परिसर इतिहास, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।
इस परियोजना के निर्माण एवं विकास कार्य देवी अहिल्याबाई होलकर स्मारक ट्रस्ट, इंदौर और मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष एवं स्मारक ट्रस्ट की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित स्मारक ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे।







