सागर में समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर शास्ति अधिरोपित, तीन पंचायत सचिव भी कार्रवाई की जद में
सागर, 12 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर सागर जिले में एक नायब तहसीलदार सहित चार अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के आदेशानुसार संबंधित अधिकारियों के प्रकरणों में विलंब पाए जाने पर शास्ति अधिरोपित की गई है। पूर्व में निर्देश दिए जाने के बावजूद समय-सीमा का पालन नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई।
नायब तहसीलदार पर 500 रुपये का जुर्माना
जारी आदेश के अनुसार, बिलहरा तहसील, जैसीनगर में पदस्थ नायब तहसीलदार शिवपुरोहित गौतम के राजस्व विभाग से संबंधित आरसीएमएस प्रकरण में दो दिन का विलंब पाया गया। इस पर प्रतिदिन 250 रुपये की दर से कुल 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
तीन पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई
ग्राम पंचायत मंसूरबावरी, जनपद पंचायत देवरी के सचिव धीरज गौड़ पर एक दिन के विलंब के लिए 250 रुपये की शास्ति लगाई गई है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत खारमउ, जनपद पंचायत बंडा की सचिव प्रियंका मिश्रा के दो प्रकरणों में एक-एक दिन का विलंब मिलने पर कुल 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं ग्राम पंचायत झिरिया, जनपद पंचायत केसली के सचिव राजू अहिरवार के दो प्रकरणों में समय-सीमा का पालन नहीं करने पर कुल 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।
तीन दिन के भीतर जमा करनी होगी जुर्माने की राशि
आदेश में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जुर्माने की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित मद में जमा कर उसकी एक प्रति तीन दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। आवेदनों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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