डाॅ. गौर वास्तव में हरि ही थे क्योकि उन्होंने सागर के शैक्षणिक जगत के अंधकार को हरने का कार्य किया – शैलेन्द्र जैन

डाॅ. गौर वास्तव में हरि ही थे क्योकि उन्होंने सागर के शैक्षणिक जगत के अंधकार को हरने का कार्य किया – शैलेन्द्र जैन

सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में जिला प्रशासन के सहयोग से गौर गौरव वर्ष के समापन सत्र पर निबंध, चित्रकला, स्लोगन तथा भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डाॅ. संजीव दुबे प्राचार्य ने स्वागत भाषण दिया। 13 वर्षीय छात्रा कु. तपस्या प्रजापति ने रामधारी सिंह दिनकर द्वारा लिखित रश्मिरति कविता का गायन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संभागीय हेल्प डेस्क के एक वर्ष का प्रगति प्रतिवेदन डाॅ. अमर कुमार जैन ने पढ़ा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा डाॅ. गौर वास्तव में हरि ही थे, हरि का अर्थ होता है अंधकार को हरने वाला और डाॅ. गौर ने सागर के शैक्षणिक जगत के अंधकार को हरने का कार्य किया, वह सिंह भी थे क्योंकि उन्होंने अकेले पुरूषार्थ पर विश्वविद्यालय को बनाने का कार्य किया। वह सागर के गौर भी है और गौरव भी। डाॅ. गौर सागर के लिए एको हम द्वितियोनास्त्रि हैं अर्थात वे ही है दूसरा कोई नहीं। जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया ने कहा कि डाॅ. गौर ने अपने जन्म स्थान सागर में दूसरी कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय बनाने का सपना देखा था इसके लिये उन्होंने पूरी सम्पत्ति में से दो करोड़ रुपए दान किये। सागर नगर के लिए प्रथम पूज्य डाॅ. हरीसिंह गौर ने संघर्षों को अपनी सफलता का साधन बनाया। नितिन शर्मा, जनभागीदारी अध्यक्ष ने कहा कि डाॅ. हरीसिंह गौर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने डाॅ. गौर की जीवनी के विषय पर बहुत कुछ जाना होगा। महाविद्यालय स्तर पर शीतल पटेल-भाषण में प्रथम, शास. कला एवं वाणिज्य महावि. सागर, आकांक्षा सोनी-रंगोली में प्रथम, शास. कन्या महावि. सागर, दुर्गा देवी अहिरवार-चित्रकला में प्रथम, शास. कन्या महावि. सागर, शिवांगी ठाकुरा-निबंध में प्रथम, शास. कन्या महावि. सागर। स्कूल स्तर पर रुद्रप्रताप लोधी-भाषण में प्रथम ज्ञानोदय विद्यालय सागर, दिव्यांशी नामदेव-रंगोली में प्रथम शास. उत्कृष्ट विद्यालय सागर, रक्षिता पटेल-चित्रकला में प्रथम पारश विद्यालय सागर, सीता अहिरवार-निबंध में प्रथम शास. उत्कृट विद्यालय सागर। कार्यक्रम में प्रासुक जैन, डाॅ. मधु स्थापक, डाॅ. गोपा जैन, डाॅ. रजना मिश्रा, डाॅ. संगीता मुखर्जी, डाॅ. जयकुमार सोनी, डाॅ. अंजली तिवारी, श्री पी.एल. प्रजापति, डाॅ. जयनारायण यादव उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम प्रभारी डाॅ. अमर कुमार जैन, जिला नोडल अधिकारी स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना तथा आभार डाॅ. इमराना सिद्दीकी प्रशासनिक अधिकारी ने माना।

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