
कुश्ती की गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा दे रहे विधायक इंजी.प्रदीप लारिया, गढ़पहरा मेला में खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन
गढ़पहरा/28.07.2026 भारतीय संस्कृति में कुश्ती केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, परिश्रम, संयम और राष्ट्रभक्ति की अखाड़ा परंपरा का जीवंत प्रतीक रही है। इसी गौरवशाली विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से सागर जिला कुश्ती संघ के तत्वावधान में आषाढ़ माह के ऐतिहासिक गढ़पहरा मेले में पं. लल्लू पहलवान की स्मृति में आयोजित जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजी. प्रदीप लारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अखाड़े में पहुँचकर पहलवानों से परिचय प्राप्त किया, उनका उत्साहवर्धन किया तथा भारतीय कुश्ती की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आयोजन पं. कृषि महाराज एवं पं. श्रीकांत महाराज के संरक्षण में हुआ। आयोजन को सफल बनाने में जितेंद्र यादव (क्रीड़ा भारती अध्यक्ष), मनीष यादव (सचिव, कुश्ती संघ, सागर) नंदू उस्ताद, हरीशचंद्र उस्ताद, सुरेन्द्र उस्ताद, दुलारे उस्ताद, मुन्नी उस्ताद, राजकमल खलीफा, विष्णु खलीफा, नंदराम उस्ताद, परसू खलीफा, कोमल ताज, रामेश्वर नानोरिया एवं सुरेश सैनी सहित आयोजन संरक्षकों एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं आयोजन समिति में आनंद विश्वकर्मा, बदन उस्ताद, पुरुषोत्तम पहलवान, गुड्डू पहलवान, शंकर पहलवान, कन्हैया पहलवान, हीरा पहलवान, पप्पू पहलवान बीना, राकेश खटीक पहलवान, राजेश्वर सैनी, केशव सैनी, हेमंत सिंह, मनीष यादव, नरेंद्र सिंह चौहान, शंकर चौहान, अरविंद, जीवन यादव, राजेश पहलवान, मनोहर पहलवान, रमेश पहलवान, संजू पहलवान, महेंद्र यादव बीना, भग्गी पहलवान, मंटू खटीक सहित अनेक खेलप्रेमियों ने आयोजन को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर विधायक इंजी.प्रदीप लारिया ने कहा कि अखाड़े भारत की सांस्कृतिक चेतना के केंद्र रहे हैं। यहीं से शारीरिक सामर्थ्य के साथ चरित्र, अनुशासन, धैर्य और राष्ट्रसेवा का संस्कार विकसित होता है। आधुनिक खेलों के बढ़ते प्रभाव के बीच भी कुश्ती जैसी प्राचीन एवं गौरवशाली विधा को जीवंत बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गढ़पहरा मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का महापर्व है।
लारिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपार खेल प्रतिभाएँ मौजूद हैं। यदि उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे प्रदेश एवं देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं। ऐसे आयोजन युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और आत्मविश्वास का अमूल्य संस्कार भी प्रदान करते हैं।
इस दौरान विधायक लारिया ने ग्राम के विकास हेतु 16.80 लाख की लागत से निर्मित होने वाले टीनशेड का विधिवत भूमिपूजन कर विकास कार्य का शुभारंभ किया।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न भार वर्गों में पहलवानों ने दमदार दांव-पेंच का प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति और अखाड़े में गूंजते जयघोषों के बीच यह आयोजन एक बार फिर सिद्ध कर गया कि भारतीय कुश्ती की परंपरा आज भी समाज की आत्मा में जीवित है। नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया की सहभागिता ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और इस ऐतिहासिक आयोजन को नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान की।
इस अवसर पर आफीसर यादव,सौरभ केशरवानी, अरविंद घोसी, श्याम सुंदर मिश्रा, रामप्रसाद विश्वकर्मा, गणेश केशरवानी, एड.राजेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।











