राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का द्वितीय दिवस

राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का द्वितीय दिवस

वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या नैतिक मूल्यों के पतन का संकेत : डॉ. अतुल निझावन

सागर। राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के सहयोग से तथा डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित सामाजिक कार्य शिक्षकों की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. अतुल निझावन, राज्य सलाहकार , मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद् ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या नैतिक मूल्यों के पतन का संकेत है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में पारिवारिक व्यवस्था सदैव से बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल पर आधारित रही है, किंतु आधुनिक जीवनशैली और बदलती सामाजिक परिस्थितियों के कारण इस व्यवस्था में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने सामाजिक कार्य शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करें।

कार्यक्रम के दूसरे विशिष्ट अतिथि श्री संजय पवार, वरिष्ठ सलाहकार , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने मानव तस्करी एवं बाल श्रम विषय पर कार्यशाला का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को मानव तस्करी तथा महिलाओं और बच्चों की तस्करी से संबंधित विभिन्न अधिनियमों और महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने चित्रों के माध्यम से यह भी बताया कि मानव तस्करी कई प्रकार की होती है और यह समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मानव तस्करी या बाल श्रम से जुड़ी घटनाओं की जानकारी मिलने पर विभिन्न हेल्पलाइनों और संस्थाओं की सहायता से इसकी रिपोर्ट की जा सकती है। इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
इस अवसर पर डॉ. विकास अग्रवाल,सहायक प्राध्यापक, विधि विभाग ने सोशल सिक्योरिटी, वेलफेयर एंड लीगल असिस्टेंस विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, कल्याणकारी नीतियों तथा कानूनी सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समाज के कमजोर वर्गों तक इन सुविधाओं को पहुंचाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

इस अवसर पर डॉ. आशीष द्विवेदी ,निदेशक, इंक मीडिया कॉलेज , सागर ने मीडिया की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया का मुख्य कार्य समाज को जागरूक करना है, न कि भयावहता या अनावश्यक सनसनी फैलाना।

इसके पश्चात श्री के. के. मिश्रा ,जिला समन्यवक,मध्य प्रदेश जन अभियान सागर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्य शिक्षा की प्रासंगिकता और समाज में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के अंत में समाजशास्त्र एवं समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष व डीन प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत द्वारा समूह चर्चा आयोजित की गई जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से संबंधित अपने विचार साझा किए।

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