
भाजपा प्रशिक्षण वर्ग में विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने बताया जनसंघ से भाजपा तक का गौरवशाली इतिहास
संवादात्मक शैली में कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, संघर्ष और विकास यात्रा से कराया अवगत।
सागर। भारतीय जनता पार्टी जिला सागर ग्रामीण द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत होटल रॉयल पैलेस में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम दिवस के अंतिम सत्र में सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में “भाजपा का इतिहास और विकास” विषय पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
सत्र की अध्यक्षता बसंत यादव द्वारा की गई। प्रशिक्षण वर्ग में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में विधायक श्री जैन ने पारंपरिक एकतरफा भाषण शैली के स्थान पर संवादात्मक पद्धति अपनाते हुए कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया तथा प्रश्नोत्तर के माध्यम से संगठन के इतिहास, विचारधारा और संघर्ष यात्रा को सहज एवं प्रेरणादायी ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी का इतिहास केवल राजनीतिक संगठन का इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अखंड भारत के संकल्प का इतिहास है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गोवा, दमन द्वीप एवं पांडिचेरी को स्वतंत्र कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि देश की 565 रियासतों के भारत में विलय के लिए भी जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जनजागरण, जनमत संग्रह एवं आंदोलनों के माध्यम से सक्रिय योगदान दिया।
विधायक श्री जैन ने बताया कि इसके बाद भारतीय जनसंघ का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई पदाधिकारी प्रतिनियुक्ति पर संगठन कार्य हेतु गए। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के प्रथम अध्यक्ष बने और उनके नेतृत्व में संगठन ने राष्ट्रहित एवं जनसेवा की राजनीति की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि वर्ष 1952 के प्रथम आम चुनाव में भारतीय जनसंघ ने 489 में से 94 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें लगभग 3 प्रतिशत मत प्राप्त करते हुए 3 सीटों पर विजय हासिल की। उस समय जनसंघ सबसे छोटा दल था, लेकिन उसके विचारों की ताकत और कार्यकर्ताओं की निष्ठा ने उसे राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई। उन्होंने बताया कि 38 सांसदों के विपक्षी समूह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विपक्ष का नेता चुना था।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1957 के आम चुनाव में राष्ट्रीय दल की मान्यता बनाए रखने के लिए मत प्रतिशत दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया। उस समय कार्यकर्ताओं ने कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ कार्य किया और संगठन का मत प्रतिशत दोगुना करने में सफलता प्राप्त की। इसी चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से पहली बार लोकसभा पहुंचे और आगे चलकर भारतीय राजनीति के एक युगपुरुष बने।
विधायक श्री जैन ने वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन, उसकी विचारधारा, संगठन विस्तार एवं जनआंदोलनों पर भी विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना के कारण बनी है।
सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया तथा उन्होंने संगठन के इतिहास और वैचारिक यात्रा को गंभीरता से आत्मसात किया। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभावना, संगठनात्मक ऊर्जा एवं वैचारिक प्रतिबद्धता से ओतप्रोत रहा।











