
न्यायालयीन प्रकरणों में लापरवाही पर होगी पेनल्टी, जवाब समय सीमा में दें — कलेक्टर प्रतिभा पाल
सागर, 18 मई 2026। न्यायालय प्रकरणों में समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत नहीं करने वाले विभागीय अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम मॉनिट, विभिन्न आयोगों एवं जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब भी निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आयोगों, मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों का समय पर निराकरण कर संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत रूप से भी अवगत कराया जाए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत सहित सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन अधिकारियों द्वारा समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाएंगे, उनके खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विभाग प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विभाग का अवमानना प्रकरण लंबित न रहे।
उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि अधिकारी आवेदकों से व्यक्तिगत संपर्क कर समस्याओं का समाधान करें, ताकि विभागों की रैंकिंग में सुधार हो सके।
तहसीलदारों एवं रीडरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, न्यायालयीन रीडर एवं संबंधित कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित किया जाए। प्रशिक्षण में न्यायालयीन प्रक्रियाओं एवं आवश्यक नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद भी यदि न्यायालयीन कार्यों में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित न्यायालय प्रमुख के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के आदेशों की तामीली और अमल समय सीमा में हो तथा उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक वापस पहुंचे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।











