
पीएम इंटर्नशिप योजना पर अग्रणी महाविद्यालय में ऑनलाइन सत्र, प्राचार्य ने बताया रोजगार का सुनहरा अवसर
बेंगलुरु जैसी लोकेशन पर ₹34,000 तक का मानदेय; आयु सीमा अब 18 से 25 वर्ष, ड्रॉप आउट भी पात्र
सागर/ पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के अंतर्गत गूगल मीट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में विषय विशेषज्ञ तरुण सर ने विद्यार्थियों को योजना के प्रावधानों और करियर ग्रोथ के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के लिए कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश का सुनहरा अवसर है। इसके तहत छात्रों को 6 व 9 माह की पेड इंटर्नशिप मिलेगी, जिसमें ₹9,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड और ₹6,000 एकमुश्त राशि का लाभ मिलेगा। अब आयु सीमा 18 से 25 वर्ष कर दी गई है और ड्रॉप आउट विद्यार्थी भी इसके पात्र होंगे, इसलिए महाविद्यालय के अधिक से अधिक छात्र इसका पंजीयन कराएं।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रतिभा जैन ने बताया कि बेंगलुरु जैसी महंगी लोकेशन पर इंटर्नशिप मिलने पर महंगाई भत्ते सहित कुल ₹34,000 प्रतिमाह तक मिल सकते हैं। इसके लिए ₹12 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थी पात्र होंगे, जो पोर्टल या ऐप के जरिए अधिकतम तीन कंपनियों का चयन कर आवेदन कर सकते हैं।
जूलॉजी विभाग के डॉ. संजय कुमार दुबे ने बताया कि कंपनी द्वारा ईमेल से ऑफर लेटर जारी होने के 14 दिन के भीतर ज्वाइन करना अनिवार्य होगा और कोर्स पूरा होने पर प्रमाण पत्र मिलेगा। अब इस योजना के माध्यम से कंपनियां सीधे महाविद्यालय आकर भी कैंपस प्लेसमेंट की तरह चयन कर सकेंगी। इस अवसर पर वाणिज्य विभाग से डॉ. संगीता कुंभारे, अर्थशास्त्र विभाग से आयुष बड़कुल एवं प्रमोद सेन सहित अनेक प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। (2)
योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली अपनाएं – डॉ सरोज गुप्ता
अग्रणी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में योग एवं ध्यान प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व विद्यार्थियों ने सीखे योग के गुर; ताड़ासन, वृक्षासन और प्राणायाम का किया अभ्यास
सागर/ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के निर्देशन में विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए “योग एवं ध्यान प्रशिक्षण कार्यशाला” का विशेष आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से एकाग्र और शारीरिक रूप से निरोग बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला में योग विशेषज्ञ वंदना कटारे के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ आकांक्षा सोनी के सहयोग विद्यार्थियों को विभिन्न आसनों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिसमें एकाग्रता बढ़ाने के लिए ‘वृक्षासन’, शरीर को सुगठित करने के लिए ‘ताड़ासन’ सहित कपालभाति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और ध्यान (Meditation) की विभिन्न विधाएं सिखाई गईं।
मानसिक एकाग्रता और सकारात्मक सोच का आधार है योग: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता
शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि आज की तनावभरी जीवनशैली और डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए नियमित योगाभ्यास बेहद जरूरी है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की मानसिक एकाग्रता, स्मरण शक्ति और सकारात्मक सोच को विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर एक स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली अपनाएं।
इस स्वास्थ्यवर्धक शिविर में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में अनुशासित रूप से योग मैट पर अभ्यास करते नजर आए।











