शिक्षा व्यक्ति को सशक्त बनाती है और पत्रकारिता समाज को जाग्रत करती है

शिक्षा व्यक्ति को सशक्त बनाती है और पत्रकारिता समाज को जाग्रत करती है

डॉ. अंबेडकर चेयर के द्वारा मेमोरियल लेक्चर का आयोजन

सागर. डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के डॉ. अंबेडकर चेयर द्वारा ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर शिक्षा और पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन’ विषय पर संगोष्ठी कक्ष में डॉ अंबेडकर मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर डॉ. योगेश पाल ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यापक दृष्टिकोण वाली होनी चाहिए. शिक्षा व्यक्ति में स्वतंत्र चेतना का विकास करती है. डॉ. अंबेडकर मानते थे की शिक्षा ही लोगों में जागृति लाएगी. उक्त अवसर पर डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा और पत्रकारिता को एक दूसरे का पूरक माना. शिक्षा व्यक्ति को सोचने की शक्ति देती है और पत्रकारिता उस सोच को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनती है. यदि समाज शिक्षित होगा और स्वतंत्र पत्रकारिता होगी तभी लोकतंत्र मजबूत होगा और सामाजिक न्याय की स्थापना संभव होगी. शिक्षा व्यक्ति को सशक्त बनाती है और पत्रकारिता समाज को जाग्रत करती है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजेश गौतम ने कहा कि शिक्षा का आधार वैज्ञानिक होना चाहिए. सभी के लिए शिक्षा की आवश्यकता है. समाज में समस्या है उसका समाधान शिक्षा से हो सकता है. डॉ. अंबेडकर ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरण करने का कार्य किया.
कार्यक्रम का संचालन अंशु अहिरवार ने किया. कार्यक्रम में प्रदीप विश्वकर्मा, डॉ. अभय कुमार, प्रशांत द्वेवेदी आदि के द्वारा भी संबोधित किया गया. कार्यक्रम में विशेष रूप से डॉ. रवि रजक, चेतन करवदार, जितेंद्र कुमार, बालचंद आदि उपस्थित थे.

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