
खुरई के विकास को लेकर विधानसभा में भूपेन्द्र सिंह ने उठाए अहम मुद्दे
कृषि महाविद्यालय भवन और छात्रावास के लिए ₹15 करोड़ जारी, नए शासकीय आईटीआई की प्राथमिकता सूची में खुरई शामिल; खाद उपलब्धता पर भी मांगी जानकारी
सागर। खुरई विधानसभा क्षेत्र के विकास और युवाओं-किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रमुखता से उठाए। विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने खुरई के पंडित अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय के नवीन भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए ₹15 करोड़ की प्रथम किश्त जारी होने की जानकारी दी है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंसाना ने बताया कि महाविद्यालय भवन के प्रथम चरण और छात्रावास निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है। निविदा स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में महाविद्यालय के नवीन भवन, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण की समयसीमा और विभागीय कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
खुरई में नए शासकीय आईटीआई की राह भी खुली
वहीं, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने बताया कि प्रत्येक विकासखंड में एक शासकीय आईटीआई प्रारंभ करना सरकार की प्राथमिकता है। खुरई विकासखंड को भी विभाग की प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है।
विधायक भूपेन्द्र सिंह ने खुरई नगर में नवीन शासकीय आईटीआई की स्वीकृति और मालथौन में स्वीकृत आईटीआई भवन के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया था। मंत्री ने बताया कि मालथौन आईटीआई भवन निर्माण की प्रक्रिया निविदा स्तर पर लंबित है। निविदा स्वीकृति, कार्यादेश और अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
किसानों को खाद उपलब्धता पर भी विधानसभा में सवाल
खुरई विधानसभा क्षेत्र में डीएपी, यूरिया और सुपर फॉस्फेट की उपलब्धता को लेकर भी विधायक भूपेन्द्र सिंह ने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा कि क्षेत्र में खाद की वास्तविक उपलब्धता कितनी है, मांग के अनुरूप आपूर्ति के लिए विभाग ने क्या प्रयास किए हैं और कितने किसानों को टोकन जारी किए गए हैं।
विधायक ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और खाद वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी है और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विधानसभा में उठाए गए इन मुद्दों से खुरई क्षेत्र में कृषि शिक्षा, तकनीकी कौशल विकास और किसानों को खाद उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की उम्मीद है।











