
65 लाख के आयुष्मान आरोग्य मंदिर निर्माण में अनियमितताओं के आरोप, जंग लगे सरिया व घटिया सीमेंट का हो रहा उपयोग
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल, एस्टीमेट के विपरीत सामग्री लगाने का आरोप; सीएमएचओ बोले— होगी जांच, दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
आयुष्मान आयोग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं उपयंत्री की मिली भगत से घटिया निर्माण कार्य जारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और उपयंत्री की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल, ग्रामीण बोले— आखिर कब होगी जांच और कौन तय करेगा जिम्मेदारी?
सतीष सेन देवरी सागर
देवरी कला (सागर)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 65 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देवरी विकासखंड की ग्राम पंचायत महाराजपुर के नई दिल्ली गांव में निर्माणाधीन भवन में ग्रामीणों ने गुणवत्ता में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आरोप है कि निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि भवन की छत ढलाई में जंग लगे सरिया और निम्न गुणवत्ता की सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही निर्धारित मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री लगाए जाने से भवन की मजबूती और उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भवन की दीवारें भी सीधी नहीं बनाई गई हैं। कई स्थानों पर ईंटें बाहर निकली हुई दिखाई दे रही हैं तथा अन्य निर्माण सामग्री भी मानकों के अनुरूप नहीं लगाई जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एवं तकनीकी अमले की लापरवाही के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच होती तो इस तरह की शिकायतें सामने नहीं आतीं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है।
क्षेत्र में पूर्व में भी कई सरकारी भवन घटिया निर्माण के कारण समय से पहले जर्जर हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या शासन की लाखों-करोड़ों रुपये की राशि का दुरुपयोग इसी तरह होता रहेगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय होगी?
इनका कहना है कि
सीएमएचओ बोले— होगी जांच, दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटैरिया ने कहा कि उन्हें मामले की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य स्वास्थ्य विभाग की उपयंत्री की देखरेख में कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन निर्माण में कथित रूप से जंग लगे सरिया एवं घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की उपयंत्री सुजाता मिसराम को एक दिन पूर्व पूरे मामले से अवगत कराया गया था तथा निर्माण स्थल का निरीक्षण कर स्पष्टीकरण देने का आग्रह भी किया गया था। इसके बावजूद अगले दिन उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। समाचार प्रकाशित होने तक उनका कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।











