
मेजर ध्यानचंद जी केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि अनुशासन, अद्वितीय लगन और राष्ट्रप्रेम के अमर प्रतीक – डॉ. इमराना सिद्दीकी
सागर। भारतीय हॉकी के अमर स्तंभ और ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के निर्देशन में राष्ट्रीय खेल दिवस के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. इमराना सिद्दीकी ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. इमराना सिद्दीकी ने मेजर ध्यानचंद जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा, “मेजर ध्यानचंद जी केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि अनुशासन, अद्वितीय लगन और राष्ट्रप्रेम के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारे भीतर ध्यानचंद जी जैसा अटूट आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का निर्माण करते हैं। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। विद्यार्थी अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय मैदान को अवश्य दें और मेजर ध्यानचंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करें।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों से महाविद्यालय की खेलकूद गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के खेल अधिकारी दयाराम सिंह राजपूत ने मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि 29 अगस्त 1905 को जन्मे बुंदेलखंड के गौरव मेजर ध्यानचंद जी ने अपनी अद्भुत स्टिक कला के दम पर भारत को 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाकर विश्व पटल पर भारत का मस्तक ऊंचा किया था। खेल के प्रति उनका समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति आज भी पूरे देश और विशेषकर बुंदेलखंड की युवा पीढ़ी के लिए अमर प्रेरणास्रोत है।”
इस अवसर पर डॉ. संगीता मुखर्जी ने संक्षिप्त विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व को रेखांकित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते वर्चस्व की सराहना की। वहीं महाविद्यालय के पूर्व छात्र ऋषिकेश बर्दिया ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनमें चुनौतियों से लड़ने की क्षमता विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं आभार प्रदर्शन क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत ने किया।
मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि बुंदेलखंड की माटी के महान सपूत और ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 29 अगस्त को संपूर्ण राष्ट्र में ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा देश में खेल संस्कृति को सुदृढ़ बनाना है।
इस गरिमामय अवसर पर डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. अनुरोध चढ़ार, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. अभिलाषा जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. राणा कुंजर सिंह, डॉ. अमितेश सोनी, भगवत प्रसाद अहिरवार सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











